दवा घोटाले में शामिल डॉक्टरों पर सीबीआई ने कसा शिकंजा

  • चिकित्सकों व कर्मचारियों ने मिलकर किये घोटाले के दस्तावेज गायब

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। राजधानी के चारबाग स्थित रेलवे इंडोर अस्पताल में एलपी के माध्यम से खरीदी गयीं कैंसर की दवाओं में हुए घोटाले की जांच सीबीआई ने बुधवार को भी जारी रखी। इस जांच में सीबीआई ने दवा घोटाले में लिप्त रेलवे के डॉक्टरों के बैंक लॉकर खंगाले। लॉकरों में करोड़ों रुपये के निवेश, जेवरात और अचल सम्पत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
सीबीआई की जांच टीम ने डॉ. सुनीता गुप्ता के पति राजीव गुप्ता से भी पूंछताछ की है। सीबीआई ने बुधवार को डॉ.सुनीता गुप्ता के आलमबाग स्थित सेण्ट्रल बैंक आफ इण्डिया के बैंक लॉकर में 10 लाख रुपये और लाखों के जेवरात मिले हैं। डॉ. राकेश गुप्ता के सदर स्थित बैंक आफ इण्डिया की शाखा के बैंक लॉकर में एक करोड़ रुपये की संपत्ति के निवेश, सावधि जमा की जानकारी मिली है। सीबीआई ने करोड़ों के दवा घोटाले में रेलवे के तीन डॉक्टरों के घरों समेत लखनऊ और रायबरेली में 13 ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी की थी। इस दौरान सीबीआई ने 1.60 करोड़ रुपए नकद बरामद किए थे।

घोटाले की फाइल गायबसीबीआई को इस दवा घोटाले की जांच मिले एक साल का समय हो गया है। लेकिन जांच अब जाकर शुरू हुयी है। जानकारों की माने तो इस बीच डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मिलकर घोटाले से जुड़े सभी दस्तावेज गायब कर दिए। रेलवे इनडोर अस्पताल में 2006 से 2013 के बीच लोकल खरीद के नाम पर कागजों पर 72 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद की गई थी। इसमें कैंसर से जुड़ी महंगी-महंगी दवाएं भी शामिल थी। वहीं सूत्रों का कहना है कि साल में एक या दो कैंसर के मरीज ही अस्पताल आते हैं। कागजों पर दवाओं की खरीद फरोख्त का खेल करीब आठ साल तक चलता रहा। मामले की जानकारी होने पर रेलवे ने इसकी जांच विजलेंस टीम को सौंपी थी। लेकिन डाक्टरों के रसूख के आगे विजलेंस टीम जांच नही कर पायी। जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गयी।

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