दरकते रिश्तों को बचाने की चाह

Captureयह तो सच है कि चमकती दुनिया के पीछे संवेदनहीनता का गहरा अंधेरा पसरता जा रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। जब आरुषि हत्याकांड का फैसला आया था तो इसको लेकर भी यह सवाल उठा रहा था कि कोई मां-बाप इतने क्रूर कैसे हो सकते थे कि अपनी औलाद को मार डालने की हद तक चले जाएं!

शीना बोरा हत्याकांड में हो रहे खुलासों ने एक बार फिर मानवीय रिश्तों को शर्मशार किया है। महत्वाकांक्षा के चलते एक मां अपने ही बच्चों से अपना सही रिश्ता छुपाने को मजबूर हो गई। अपनी आलीशान जिदंगी पर आंच न आए इसके लिए उसने अपने ही बच्चों को अपना भाई-बहन बनाकर दुनिया के सामने पेश किया। इस खुलासे के बाद स्वाभाविक है कि एक बार फिर मानवीय रिश्तों की जमीन दरक रही है। शीना बोरा मर्डर केस में उसकी मां इंद्राणी मुखर्जी आरोपी है। इंद्राणी के रहस्य से धीरे-धीरे परदा उठ रहा है।
इंद्राणी खुद तो वैभवशाली जीवन गुजार रही थी लेकिन अपने पहले विवाह से पैदा हुए दो बच्चों को परदे की ओट में रख कर उन्हें अपने रहमो-करम पर पलने को मजबूर किए रखा। जबकि बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी मां-पिता की होती है। इंद्राणी ने अपने आस-पास रिश्तों का ऐसा ताना-बाना बुना है कि सारे रिश्ते उलझते से दिख रहे हैं। इंद्राणी की गिरफ्तारी के बाद उनके पति पीटर मुखर्जी ने पहले यह बोला की इंद्राणी ने शीना को अपनी बहन बताया था और अब उन्होंने अपना बयान बदल दिया। अब कह रहे हैं कि उन्हें पता था कि शीना इंद्राणी की बेटी थी। शीना का पीटर मुखर्जी के बेटे के साथ प्रेम संबंध था, जबकि शीना भी जानती थी कि वह उसका सौतेला भाई है। बताया गया कि यह रिश्ता इंद्राणी को रास नहीं आया इसलिए उसने उसे रास्ते से हटा दिया। हालांकि यह घटना इतनी उलझी और इतने सवालों में लिपटी हुई है कि किसी के भी बारे में साफ-साफ कुछ कहना फिलहाल मुश्किल है, पर इससे यह तो स्पष्टï है कि अनपढ़ और कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं बल्कि पढे -लिखे और समाज को दिशा देने का दावा करने वाले लोग भी पैसा, पद, प्रतिष्ठा और चमक-दमक वाली जिंदगी के मोह में इस कदर असंतुलित हो सकते हैं कि उनकी मानवीय संवेदनाएं कुंद हो जाती हैं। यह तो सच है कि चमकती दुनिया के पीछे संवेदनहीनता का गहरा अंधेरा पसरता जा रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। जब आरुषि हत्याकांड का फैसला आया था तो इसको लेकर भी यह सवाल उठा रहा था कि कोई मां-बाप इतने क्रूर कैसे हो सकते थे कि अपनी औलाद को मार डालने की हद तक चले जाएं! देश में ऑनर किलिंग की घटनाएं आए दिन सामने आती हैं। प्रेम प्रसंग के चक्कर में बेटियों को मार दिया जाता है। अपनी प्रतिष्ठïा बचाने के लिए लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम दे देते हैं। यह कैसी प्रतिष्ठïा है कि आप हत्या करने के लिए तैयार हो जाते हैं वह भी अपनी ही बेटी, सगे-संबंधी की। आखिर हमारा समाज किधर जा रहा है, जिसमें रिश्तों की डोर कमजोर हो रही है।

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