दयाशंकर सिंह के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज

  • मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बसपा के राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम ने दी थी तहरीर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Capture1लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में हजरतगंज कोतवाली में बुधवार रात बसपा के राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम की तहरीर पर भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। भाजपा नेता के खिलाफ ऐसा कृत्य जिससे दो सम्प्रदाय अथवा जाति के लोगों के बीच विद्वेष पैदा हो, ऐसा कृत्य जिससे किसी महिला के मान-सम्मान को हानि हो, गाली-गलौज और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
हजरतगंज कोतवाली में बुधवार की रात बसपा नेता मेवालाल गौतम, राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री अनंत मिश्र, विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष गया चरण दिनकर, प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, लखनऊ के जोनल कोआर्डिनेटर इंतजार आब्दी (बॉबी) सहित अन्य बसपा नेताओं के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और एएसपी पूर्वी शिवराम यादव को तहरीर दी। तहरीर में कहा गया है कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद व उप्र की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकीं बहन मायावती स्वयं अनुसूचित जाति की हैं। उनके लिए बलिया निवासी भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह, जो जाति के क्षत्रिय हैं और उन्होंने यह जानते हुए कि मायावती अनुसूचित जाति की है, उनके लिए गलत व तथ्यहीन आरोप लगाते हुए उनका अपमान किया। उनको अमर्यादित करने के उद्देश्य से और पार्टी के कार्यकर्ताओं व दलित समाज को भडक़ाने के उद्देश्य से सार्वजनिक रूप से जनसमूह एवं मीडिया के सामने 20 जुलाई को उनके संबंध में अशोभनीय, निंदनीय व गाली-गलौज से भरपूर शब्दों का प्रयोग किया। बसपा की तरफ से उस बयान से जुड़ी सीडी भी तहरीर के साथ दी गई। जिसको गंभीरता से लेकर हजरतगंज कोतवाली में दयाशंकर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 504, 506 और एससी-एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इतना ही नहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी बसपा सुप्रीमो के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी के मामले में दयाशंकर सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से भी निकाल दिया है।

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