दयाशंकर और स्वाति खुद है महिला उत्पीडऩ के आरोपी, एफआईआर सामने आने से भाजपा सकते में

  • स्वाति सिंह के खिलाफ आशियाना थाने में दर्ज है उत्पीडऩ का मामला
  • भाई पुनीत सिंह की पत्नी आशा सिंह की तरफ से दर्ज कराई गई है एफआईआर
  • घरेलू उत्पीडऩ और जान से मारने की धमकी समेत कई संगीन आरोप
  • एफआईआर का मामला सामने आने से बढ़ी दयाशंकर और स्वाति की मुश्किलें
  • बीजेपी नेता दयाशंकर और स्वाति के मामले में दे रहे हैं गोल-मोल जवाब

संजय शर्मा
Captureलखनऊ। प्रदेश भर में महिलाओं के सम्मान को लेकर चल रही राजनीति में नया मोड़ आ गया है। पूर्व बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह और उनकी पत्नी स्वाति सिंह के खिलाफ महिला उत्पीडऩ का मामला दर्ज होने की एफआईआर सामने आई है। इससे स्वाति सिंह का खुलकर समर्थन कर रही बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आशियाना कालोनी में रहने वाली आशा सिंह पत्नी पुनीत सिंह ने वर्ष 2008 में दयाशंकर सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ महिला उत्पीडऩ की प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। इसमें आशा सिंह ने आरोप लगाया था कि मेरी सास आशा सिंह, ससुर वीरेन्द्र कुमार सिंह, पति पुनीत सिंह और ननद स्वाति सिंह मानसिक और शारीरिक रुप से प्रताडि़त कर रहे हैं। यह सिलसिला शादी के दो माह बाद यानी 18 जुलाई 2005 से चल रहा है। ये लोग पीडि़ता और उसके बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इससे पूर्व कई बार मारपीट कर घर से निकाल चुके हैं। यहां तक की मेरे माता पिता के मकान की रजिस्ट्री मेरे छोटे भाइयों के नाम कर दी गई है। ऐसे में घर में रहने के बदले तीन लाख रुपये की डिमांड की जाती है। इसके अलावा तहरीर की कापी में लिखा गया है कि उनकी ननद स्वाति सिंह और सास आशा सिंह लगातार धमकी देते रहते हैं। वे लोग कहते हैं कि भाजपा के बड़े-बड़े नेता -कलराज मिश्र और राजनाथ सिंह चाय पर आते हैं। चूंकि स्वाति सिंह के पति दयाशंकर सिंह बीजेपी नेता हैं। इसलिए उनकी धमकियां भी जायज हैं। आशा सिंह ने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से गुहार भी लगाई थी। ऐसे में दयाशंकर सिंह और स्वाति सिंह के खिलाफ पूर्व में दर्ज महिला उत्पीडऩ का मामला सामने आने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले को भुनाने के लिए बसपा के नेता सक्रिय हो गए हैं। वहीं इस बात की भी चर्चा है कि अपने पति के बचाव में जोरदार ढंग से सामने आई स्वाति सिंह की तबीयत बिगडऩे के पीछे पारिवारिक विवाद है, जिसको आशा सिंह की तरफ से सबके सामने लाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। जबकि स्वाति सिंह का समर्थन करने वाले भाजपा नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

दयाशंकर और उनकी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी से संबंधित किसी भी मामले की जानकारी मुझे नहीं है। इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता।
विजय बहादुर पाठक, प्रवक्ता, भाजपा

सपा और भाजपा हमेशा से ही महिलाओं का अपमान करते आये हैं। यह कितना महिलाओं का सम्मान करते हैं इस बात को जनता अच्छी तरह जानती है। सपा-भाजपा के लोग आये दिन गाली-गलौज का प्रयोग करते हैं, जिसकी हम लोग निंदा करते हैं। यह लोग हमेशा से भाषा को शर्मासार करते आये हैं।
सत्यदेव त्रिपाठी, प्रवक्ता, कांग्रेस

दयाशंकर को मिल रहा भाजपा शासित राज्यों में संरक्षण

मायावती ने अपने बयान में कहा है कि बीजेपी से निष्कासित और फरार चल रहे दयाशंकर सिंह को बैजनाथ धाम में पूजा करते देखा गया। उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सार्वजनिक भी हो चुकी हैं। दयाशंकर को बीजेपी के लोग छिपा रहे हैं। उन्हें भाजपा शासित राज्यों में शरण दी गई है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश सरकार ने बीजेपी के साथ मिलकर दयाशंकर सिंह को भगाया है। गौरतलब है कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले दयाशंकर सिंह देवघर के बाबा बैजनाथ मंदिर में पूजा करते नजर आए हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि जब दयाशंकर सिंह बाबा धाम में दर्शन करने आए थे, उस समय झारखंड धर्म जागरण मंच के अभिषेक मिश्रा और बीजेपी के स्थानीय नेता सुनील मिश्रा भी उनके साथ थे। इन तस्वीरों के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। बता दें दयाशंकर सिंह के खिलाफ लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इतना ही नहीं पुलिस ने बीएसपी को 36 घंटे के अंदर दयाशंकर को गिरफ्तार करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन अब तक कामयाब नहीं हो पाई।

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