थाने में भी सुरक्षित नहीं आधी आबादी

4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भले ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं और अक्सर विभिन्न माध्यमों से महिला हित को लेकर अनेक कार्यों को अंजाम भी देते रहे हैं लेकिन प्रदेश के थानों में आए दिन हो रहे महिला अत्याचारों ने मुख्यमंत्री की सभी योजनाओं को धता बता दिया है। सोमवार को जहां मुख्यमंत्री एक टीवी चैनल द्वारा आयोजित वूमेन इम्पावरमेंट के कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को लेकर अपनी प्राथमिकताएं गिना रहे थे तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद थाने में एक युवती की लाश शौचालय में मिली। जिसके बाद स्थानीय लोग व परिजन थाने की पुलिस पर रेप करने के बाद हत्या का आरोप लगाया है।

सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही सामने आ पाएगा लेकिन जिस तरह आए दिन प्रदेश की पुलिस पर थाना परिसर के अंदर ही महिला अपराधों में शामिल होने के आरोप लग रहे है उसे लेकर कहीं न कहीं सरकार को भी सोचना पड़ेगा। जून माह में बाराबंकी के कोठी थाने में एक महिला के साथ बलात्कार की कोशिश में असफल होने पर उस पर केरोसिन छिडक़र आग लगाने की घटना सामने आयी थी। इस घटना में थानेदार व दरोगा पर आरोप है। 27 जुलाई को गाजियाबाद के एक थाने में महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था। ऐसी अनेक घटनाएं प्रदेश के थानों से आए दिन आ रही है।

सीतापुर के महमूदाबाद पुलिस स्टेशन के अंदर सोमवार को फांसी लगाने वाली लडक़ी का नाम जीनत (19) है। लडक़ी के घरवालों ने पुलिस पर रेप और मर्डर का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने इसे खुदकुशी का मामला बताया है। लाश मिलने के बाद लडक़ी के घरवालों ने थाने में जमकर तोडफ़ोड़ की और पुलिस की एक जीप में आग लगा दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भी आंसूगैस के गोले छोड़े। इससे भीड़ और भी आक्रोशित हो गई और पुलिसवालों पर पथराव करने लगी। इसमें डीईजी, एसपी सहित कई लोग घायल हुए हैं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी है। इसमें एक युवक की मौत हो गई है। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव है। कई जिलों की पुलिस और आरएएफ की कई टुकडिय़ांं लगा दी गई हैं, ताकि पोस्टमार्टम के बाद लाश सौंपी जाए तो कोई उपद्रव न हो। वहीं, इस मामले में देर रात चार पुलिसकर्मी दरोगा रविंद्र तिवारी, मुंशी अशोक वर्मा, आरक्षी ब्रह्मदेव चौधरी और कन्हैया लाल ओझा को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोतवाल रघुवीर सिंह के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।

क्या कहती है पुलिस?
लखनऊ जोन के आईजी जकी अहमद ने कहा, ‘यह गंभीर केस है और इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।’ लोकल पुलिस का कहना है कि लडक़ी ने पहले भी सुसाइड की कोशिश की थी।

मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख की आर्थिक मदद
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महमूदाबाद, सीतापुर में हुई घटना का संज्ञान लेते हुए दोनों मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा की है। उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के प्रति अत्यन्त संवेदनशील है। घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को हर प्रकार की सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है।

क्या था मामला

रविवार शाम जीनत का अपने भाई से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। इसके बाद वह घर छोडक़र चली गई। सोमवार सुबह फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के एक गार्ड ने जीनत को नहर में छलांग लगाते देखा। गार्ड ने उसे रोका और पुलिस स्टेशन ले आया। पुलिस स्टेशन में जीनत पर नजर रखने के लिए एक कॉन्स्टेबल की ड्यूटी लगाई गई थी। इस दौरान जीनत टॉयलेट गई। वह काफी देर तक बाहर नहीं आई। कॉन्स्टेबल ने कई बार आवाज लगाई। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कॉन्स्टेबल ने अपने अफसरों को जानकारी दी। कुछ देर बाद टॉयलेट का गेट तोड़ा गया तो लडक़ी की लाश मिली। उसके गले में उसके ही दुपट्टे से बना फंदा लगा हुआ था।

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