थाईलैंड से मंगाए गए लाखों के फूलों से सजा मोदी का मंच, करोड़ों की रैली का हिसाब देने को नहीं कोई तैयार!

  • बहराइच में होने वाली पीएम मोदी की रैली को सफल बनाने में जुटी भाजपा
  • पहली बार सेना के हेलीकॉप्टरों से नजर रखी जाएगी रैली पर
  • सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए लखनऊ के कमिश्नर और आईजी जाएंगे पीएम के साथ
  • रैली में करोड़ों के खर्च होने का अनुमान, कोई नेता नहीं बता रहा कि ये पैसा कहां से आया और क्या चेक से किया गया इसका भुगतान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

11लखनऊ। बहराइच में पीएम मोदी के स्वागत में सजे इस मंच को देखकर नोट बदलने के लिए पूरी-पूरी रात कतार में लगे लोगों के दिल से आह जरूर निकलेगी, जब उन्हें पता चलेगा कि पीएम के इस मंच को सजाने के लिए लाखों रुपये के फूल थाईलैंड से मंगाए गये हैं और रैली में इंतजाम के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं। जाहिर है ये पैसा चेक से नहीं दिया गया है। ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि बेटी की शादी के लिए निकाले जाने वाले ढाई लाख रुपये के लिए बैंक कितना परेशान कर रहे हैं। लोग अपना दो हजार रुपये भी एटीएम से नहीं निकाल पा रहे हैं तो फिर इस रैली के लिए करोड़ों रुपया आखिर कहां से आ रहा है। भाजपा का कोई भी नेता इस विषय पर बोलने को तैयार नहीं है।
नोटबंदी के बीच प्रधानमंत्री की आज बहराइच की रैली भाजपा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा कह रही है कि रैली से यह पता चल जायेगा कि लोगों के बीच नोटबंदी का कितना असर है। भाजपा ने इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा चाहती है कि इस रैली से एक बड़ा संदेश दिया जा सके।
उधर, नेपाल सीमा से सटे होने के कारण इस रैली को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी बेहद सतर्क हैं। रैली का पूरा इलाका कमांडो के दायरे में होगा। पीएम और लोगों के बीच लंबा फासला होगा। मोदी तीसरी बार बहराइच आ रहे हैं। सुरक्षा के दृष्टिïगत लखनऊ के कमिश्नर भुवनेश कुमार और आईजी ए.सतीश गणेश लखनऊ से ही पीएम के साथ बहराइच जायेंगे।
उधर नोटबंदी की परेशानी को लेकर इस रैली की तैयारियों पर विपक्ष ने भी सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता अशोक सिंह ने कहा है कि पूरा देश बैंकों के सामने कतार में खड़ा है। जाड़ों की सर्द रातों में लोग पूरी-पूरी रात एटीएम के सामने खड़े हैं। मां की गोद में बेटी एटीएम के सामने दम तोड़ रही है और पीएम मोदी की सभा में करोड़ों का कालाधन खर्च किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री को नोटबंदी के कारण सौ लोगों की मौत दिखाई नहीं दे रही। थाईलैंड से लाखों रुपये के फूल और करोड़ों रुपये का कालाधन खर्च करके पीएम मोदी ने साबित कर दिया कि उनके उद्योगपति दोस्त इस देश के आम आदमी की लाश पर उनका महल बनाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, भाजपा के राष्टï्रीय सचिव व परिवर्तन यात्रा के संयोजक महेंद्र सिंह का कहना है कि इस रैली के खर्च के बारे में जानकारी नहीं है। वैसे पार्टी चेक से इन खर्चों का भुगतान कर रही है।

आला अफसरों को ठेंगे पर रखता है बाहुबली इंजीनियर अरुण मिश्रा

  • यूपीएसआईडीसी के इस चर्चित अभियंता के कारनामों से रंगी हुई हैं दर्जनों फाइलें
  • बड़े से बड़े अफसरों की मीटिंग में नहीं जाता अरुण मिश्रा
  • हफ्तों तक दफ्तर नहीं आता मगर किसी में कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं
  • एमडी से लेकर प्रमुख सचिव तक घबराते हैं इस बदनाम अफसर से
  • अमर सिंह का बेहद करीबी रहा है बाहुबली अरुण मिश्रा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। मामूली सी शक्ल वाले इस इंजीनियर अरुण मिश्रा से भिडऩे की हैसियत एमडी से लेकर चेयरमैन तक किसी में नहीं है। यूपीएसआईडीसी के इस इंजीनियर का जब मन होता है तब वह दफ्तर में आता है लेकिन उसके आला अफसरों की इतनी हिम्मत नहीं रहती कि वे उससे पूछ सकें कि आखिर तुम ऐसा क्यों करते हो। यही नहीं आला अफसरों की मीटिंग में भी यह इंजीनियर नहीं आता। अगर किसी ने प्रार्थना भरे स्वर में इतना भी पूछ लिया कि कल आप कहां थे तो उसकी मुसीबत शुरू हो जाती है। जिस अधिकारी ने इस अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने की जरा भी हिम्मत की तो हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक उसके खिलाफ इतनी पीआईएल हो जाती हैं कि वह भविष्य में फिर दोबारा इतनी हिम्मत नहीं कर पाता।
यूपीएसआईडीसी में इस इंजीनियर का जलवा सालों से चलता आ रहा है। सत्ता से नजदीकियों ने इस मामूली इंजीनियर को इतना बेलगाम कर दिया है कि ये सबको जूते की नोक पर रखता है। इसके समर्थक खुलेआम ऐलान करते हैं कि यूपीएसआईडीसी में वही एमडी तैनात होगा जिसे अरुण मिश्रा चाहेंगे।
अरुण मिश्रा का दखल सिर्फ इंजीनियरिंग विभाग में रहता हो ऐसा भी नहीं है। विभाग के बाकी कामों में भी अरुण मिश्रा का दखल रहता है। सूत्रों का कहना है कि चाहे प्लॉट लेना हो या फिर कॉमर्शियल प्लॉट का नक्शा पास कराना हो। जब तक अरुण मिश्रा अपनी सहमति नहीं देता तब तक फाइलें आगे नहीं बढ़तीं।
विभाग के जिस व्यक्ति ने इसके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की उसको कई मुकदमों का सामना करना पड़ा। विभाग के लोग इस बात से हैरान रहते हैं कि आखिर न्याय प्रणाली का अपने पक्ष में ये भ्रष्टï इंजीनियर कैसे इस्तेमाल कर लेता है। जाहिर है कि जब तक इस इंजीनियर पर प्रभावी ढंग से शिकंजा नहीं कसा जायेगा तब तक अरुण मिश्रा का साम्राज्य ऐसे ही जारी रहेगा।

ईडी करे इस भ्रष्टï इंजीनियर की जांच: आईपी सिंह

भाजपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि यूपीएसआईडीसी के भ्रष्टï इंजीनियर अरुण मिश्रा की जांच प्रवर्तन निदेशालय से करवा कर इसके विरुद्ध तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे बाकी भ्रष्टï अधिकारियों में एक भय का वातावरण बन सके। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि पहले भी इस भ्रष्टï इंजीनियर की जांच ईडी ने की थी मगर उसके परिणाम अभी तक नहीं आ सके। उन्होंने अनुरोध किया है कि ईडी की एक स्पेशल टीम बनाई जाये जो इस भ्रष्टï इंजीनियर की पूरी जांच करे और इसकी हजारों करोड़ की संपत्ति को जब्त करे।

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