तो नींबू पार्क जायेगा हुसैनाबाद ट्रस्ट के हवाले

  • एलडीए पर बिना किसी करार के पार्क को अधिग्रहीत करने का मामला
  • जिला प्रशासन ने एलडीए से मांगे हुसैनाबाद ट्रस्ट और प्राधिकरण के बीच हुये समझौते के कागजात 

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क :लखनऊ। जिला प्रशासन ने नीबू पार्क पर अधिग्रहण के संबंध में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें हुसैनाबाद ट्रस्ट और एलडीए के बीच हुए करार से संबंधित कागजात, पार्क की देखरेख और उससे होने वाली आय का विवरण पेश करने को कहा गया है। यदि एलडीए के अधिकारी पार्क पर अधिग्रहण से संबंधित कागजात और आय व्यय संबंधी कागजात पेश नहीं कर पाये, तो नीबू पार्क को हुसैनाबाद ट्रस्ट के हवाले कर दिया जायेगा।

नीबू पार्क पर 30 साल से लखनऊ विकास प्राधिकरण का कब्जा है। इस पार्क की देखरेख, निर्माण और तोडफ़ोड़ संबंधी सारी व्यवस्था एलडीए ही देखता है। पार्क में आने वाले लोगों से होने वाली आय को भी एलडीए ही रखता है। इसमें हुसैनाबाद ट्रस्ट को हिस्सेदारी नहीं देता है। जबकि कागजों में नीबू पार्क की जमीन ट्रस्ट की अधिकारिता में आती है। इसी वजह से ट्रस्ट के लोगों ने नीबू पार्क पर आधिपत्य को चुनौती दी है। इसमें पार्क के अधिग्रहण से संबंधित समझौते का कागज प्रस्तुत करने को कहा गया है। इसके साथ ही समझौता किन आधारों पर किया गया है, इसका विवरण देने को कहा गया है। इसलिए

इस मामले को गंभीरता से लेकर छानबीन करने पर बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें एलडीए के पास ट्रस्ट के साथ होने वाले समझौते का कोई प्रमाण नहीं है। प्राधिकरण के अधिकारी 30 साल से बिना अधिकार के नीबू पार्क पर कब्जा जमाये हैं। इस पार्क से होने वाली आय भी खुद ही रखते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ट्रस्ट की जमीन पर एलडीए ने जबरन कब्जा किया है ? यदि ऐसा है, तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने नीबू पार्क पर अधिग्रहण के मुद्दे को कभी उठाया क्यों नहीं ? क्या एलडीए के अधिकारी बिना कागजात के किसी भी जमीन और पार्क को अपने अधिकार क्षेत्र में ले सकते हैं ? क्या अवैध कब्जों के मामले में कार्रवाई करने वाले प्राधिकरण के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होगी ? क्या पार्क की कमाई पर 30 साल से कब्जा जमाये प्राधिकरण से रिकवरी कराई जायेगी ? इस तरह के अनेकों सवाल प्रशासनिक अधिकारियों के सामने खड़े हो गये हैं। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी पश्चिमी आरके उपाध्याय का कहना है कि नीबू पार्क के मुद्दे पर हुसैनाबाद ट्रस्ट और एलडीए के बीच होने वाले समझौते की जांच की जा रही है। यदि एलडीए के अधिकारी पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाये तो पार्क को ट्रस्ट के हवाले कर दिया जायेगठे

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