…तो किरायेदारों के मूल पते पर जाकर वसूला जायेगा बिजली का बिल

सरकारी मकानों के किरायेदारों का करोड़ों रुपये का बिजली बिल बकाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊCapture। लेसा ने किराए पर रहने वाले उपभोक्ताओं से हर हार में बिजली का बकाया बिल वसूलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में लेसा के अधिकारी किराएदारों को नये सिरे से कनेक् शन देने पर विचार कर रहे हैं। इसमें किराएदार उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने से पूर्व उनके मूल पते से जुड़े कागजात भी जमा कराए जाएंगे। इनकी रसीद पर साफ अच्छरों में किराएदार कनेक्शन लिखा जायेगा। इसका मकसद बकाया होने और आवास छोड़ भागने वालों के घर पहुंचकर वसूली करना है।
लेसा के मुख्य अभियंता एसके वर्मा के मुताबिक जिले में हजारों की संख्या में बिजली के उपभोक्ता किराएदार हैं। इन पर करोड़ों रुपये का बकाया है। जिसकी वसूली विभाग के लिए चुनौती बन चुकी है। ऐसे में लेसा ने किराएदार उपभोक्ताओं को नये सिरे से कनेक् शन देने का निर्णय लिया है। किराएदारों से कनेक्शन अनुबंध करने के दौरान कागजात पर स्पष्ट लिखा जायेगी कि वो किराएदार हैं। इसके साथ ही किराएदारों को कनेक् शन देते समय उनके मूल पते की सभी प्रतियां और बिजली बिल की छायाप्रति भी लगाई जायेगी। इससे संबंधित बिजलीघरों के इंजीनियरों को किराएदारों की सारी जानकारी होगी। वह हर महीने ऐसे लोगों से बिजली क बिल वसूलेंगे। यदि बिजली का बिल अधिक बकाया होता है, तो आवास छोडक़र भागने वाले उपभोक्ताओं के मूल पते पर नोटिस भेजकर वसूली की जा सके। इस संबंध में सभी डिवीजनों को पत्र जारी करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जायेगी। मुख्य अभियंता ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं से शत प्रतिशत बकाया वसूलने के संबंध में बनाई जा रही नई नीति के संबंध में लेसा के सभी 28 डिवीजनों को पत्र भेजा जायेगा। इसके साथ ही सभी इंजिनियरों को नियमों के अनुरुप ही किराएदारों को बिजली का कनेक् शन देने का निर्देश दिया जायेगा। यदि कोई भी अधिकारी लेसा के नियमों का पालन नहीं करता है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी। इसमें तैयार नियमों के विपरीत यदि कोई भी कनेक्शन जारी कर दिया गया और लेसा का बिल समय से जमा नहीं हुआ, तो संबंधित डिवीजन के अधिशासी अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक की जवाब देही बनती है। इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
गौरतलब हो कि शहरी क्षेत्रों में किराए पर रहने वाले सैकड़ों लोगों का बिजली का बिल जमा नहीं है। इस कारण बिजली विभाग को करोड़ो रुपये का नुकसान हो रहा है। इसमें सरकारी भवनों में रहने वाले बहुत से लोगों पर भी लाखों रुपये का बिजली का बिल बकाया है। इन सभी लोगों को भी नये नियमों के दायरें में लाने की कोशिश की जा रही है। इसका मकसद बिजली का उपभोग करने वाले व्यक्तियों से हर हाल में बिजली का बिल वसूलना है। यदि कोई किराएदार चालाकी से मकान छोडक़र चला जाता है, तो उसके मूल पते पर नोटिस भेजकर बिजली बिल की वसूली की जायेगी।

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