…तो ऐसे स्मार्ट होगा शहर

  • ट्रांसपोर्ट नगर में समस्याओं का अंबार
  • उखड़ी सडक़ें, जलभराव और गंदगी से लोग परेशान
  • क्षेत्रवासियों ने लगाई नगर आयुक्त से गुहार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
9लखनऊ। एक ओर शासन-प्रशासन शहर को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने की योजनाएं बना रहा है वहीं दूसरी ओर लगभग 30 वर्ष पूर्व बनी ट्रांसपोर्ट नगर योजना के एफ और एस ब्लॉक की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। ऊबड़-खाबड़ कच्ची सडक़ों पर हमेशा जल भराव रहता है और गहरे गड्ढïों के कारण आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस क्षेत्र में की जा रही जल आपूर्ति में बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। यह समस्या आये दिन की है। क्षेत्रीय निवासियों ने समस्याओं को लेकर बुधवार को नगर आयुक्त उदयराज सिंह से मुलाकात की, जहां उन्हें अश्वासन दिया गया कि जल्द ही उनके क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
क्षेत्रीय निवासियों ने नगर आयुक्त को बताया कि क्षेत्र में कई ऐसे प्लॉट है, जो खाली पड़े हैं। उन पर मवेशियों ने डेरा बना रखा है। क्षेत्र में अवैध डेयरी का संचालन किया जा रहा है। गंदगी और जल भराव से स्थिति दूभर है। कुछ खाली पड़े प्लॉटों ने जल भराव के बाद तालाबों का रूप ले लिया है, जिसके चलते क्षेत्र में डेंगू व अन्य बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।

विशेष सफाई अभियान चलाया गया

नगर आयुक्त के आदेश के क्रम में जोन-3 के जय शंकर प्रसाद वार्ड में विशेष सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें नालियों की सफाई एवं कूड़े का निस्तारण कराकर चूना व ब्लीचिंग का छिडक़ाव कराया गया। वार्ड फैजुल्लागंज प्रथम में सफाई आदि का निरीक्षण कर अधीक्षक व सफाई एवं खाद्य निरीक्षक राकेश गुप्ता के साथ किया गया। निरीक्षण में बीट इन्चार्ज को समुचित सफाई व्यवस्था कराने एवं चूना व ब्लीचिंग आदि का छिडक़ाव कराने हेतु निर्देशित किया गया। वहीं रमैयापुरा, रवि दास नगर व जय प्रकाश नगर स्लम एरिया में विशेष सफाई अभियान चलाया गया।

सफाई व्यवस्था का बुरा हाल

लखनऊ। यह नजारा राजधानी के हजरतगंज स्थित एलडीए की मल्टीलेवल पार्किंग के पास का है। यहां नगर निगम के लापरवाह अधिकारियों की अनदेखी के कारण कूड़े और मलबे का पहाड़ बन गया है।
गौरतलब है कि आज राजधानी में डेंगू का जबरदस्त प्रकोप है ऐसे में कूड़े का यह ढेर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली की हकीकत बयां कर रहा है। इसके पीछे का सच यह है कि नगर निगम के अधिकारी जनता के लिए नहीं बल्कि अपनी नौकरी बचाने व स्थानान्तरण न किये जाने के लिए काम करते हैं। इसी कारण अधिकारी सरकार के नेता, मंत्री, अधिकारी व जजों की नजरों में अच्छा दिखाने के लिए केवल उन्हीं के क्षेत्रों की सफाई पर ज्यादा ध्यान देते हैं और इन सब के बीच आम जनता की शिकायतों और समस्याओं को नजर अंदाज किया जाता है। ऐसे में राजधानी में डेंगू फैलना लाजमी है।

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