तीन साल में मोदी-मनमोहन के विदेशी दौरे पर खर्च हुए 3 अरब 6 करोड़ रुपए

  • एयर इंडिया का 34 करोड़ 13 लाख रुपए विदेश दौरे का बकाया
  • वायुसेना के विमान से दौरे का भी नहीं हुआ भुगतान

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इसके अलावा उनके दौरे की तुलना मनमोहन सरकार से भी होती रही है। एक आरटीआई के जरिए इसका खुलासा हुआ है कि मनमोहन सिंह और मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे पर एयर इंडिया के तीन वित्तीय वर्ष में तीन अरब 6 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इनमें से एयर इंडिया को एक अरब 34 करोड़ 13 लाख रुपये और अदा किया जाना बाकी है। एयर इंडिया ने 2013 से 15 तक के विदेशी दौरों के हवाई सफर का ब्यौरा दिया है।
विदेश दौरे से जुड़ी हुई आरटीआई कार्यकर्ता कमोडोर लोकेश बत्रा (सेवानिवृत्त) ने आरटीआई दायर की थी। इस खर्च में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का खर्च शामिल है।
आरटीआई के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2013- 2014 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ने आठ दौरे किए। जिसमें मनमोहन सिंह 40 दिन तक यात्रा पर रहे। इस दौरान चार्टर्ड फ्लाइट पर एक अरब 8 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च हुए। ये चार्टर्ड फ्लाइट एयर इंडिया उपलब्ध करवाता है। एयर इंडिया को इसका पूरा खर्चा मिल चुका है। वहीं वित्तीय वर्ष 2014-2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार्टर्ड फ्लाइट से 5 दौरे किए किए। उनकी 39 दिन की इस यात्रा में एयर इंडिया के 91 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च हुए।
जिसमें से एयर इंडिया को करीब 16 करोड़ रुपये मिलना अभी बाकी है। इस वित्तीय वर्ष में भूटान दौरे के 2 करोड़ 45 लाख का खर्च शामिल नहीं है। वहीं वित्तीय वर्ष 2015-16 में प्रधानमंत्री मोदी ने नौ दौरे किए। जिस पर एक अरब 17 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी 58 दिन यात्रा पर रहे। इन सभी के बिल की अदायगी अभी होनी बाकी है। लोकेश बत्रा का कहना है कि एयर इंडिया की हालत वैसे ही खस्ताहाल रहती है, अगर बिल का पेमेंट सही समय पर हो जाए तो एयर इंडिया की हालत में सुधार हो सकता है। यह बात भी गौर करने की है कि प्रधानमंत्री मोदी के 2014 और 2015 में इंडियन एयरफोर्स के विमान से 4 विदेशी दौरे के बिल का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। आरटीआई के मुताबिक 29 जनवरी 2016 को एक झटके में 8 दौरों के बिल की अदायगी एयर इंडिया को गई। जबकि 31 मार्च 2015 को दो, मई और नवंबर 2015 में एक-एक हवाई दौरों के बिल का भुगतान किया गया। आरटीआई के मुताबिक एक बिल के भुगतान में औसत 22 माह का समय लगा।

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