तानाशाह मत बनो, हिटलर का भी अहंकार टूटा है

  • सामना में लिखा गया है कि उत्तराखंड में जो हुआ उसमें पीएम मोदी की भी मर्जी
  • उत्तराखंड में कोर्ट का हस्तक्षेप सत्ताधीशों की गलतियों की वजह से

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला मोदी सरकार के लिए गले की हड्डी बन गया है। केंद्र और महाराष्ट्र में सरकार की सहयोगी शिवसेना ने भी इस मामले में बीजेपी की आलोचना की है। शिवसेना ने कहा कि जल्दबाजी में उत्तराखंड पर राष्टï्रपति शासन लादकर शक्ति दिखाने का जिन्होंने प्रयास किया वे खुद चित्त हो गए।
पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि उत्तराखंड में जो हुआ उससे बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी को जीत की तुतरी और ढोल बजाने का मौका दिया है। इससे बीजेपी की भद्द पिटी है। प्रधानमंत्री मोदी को मामले में घेरते हुए शिवसेना ने कहा कि जो कुछ हुआ है वह प्रधानमंत्री की मर्जी से हुआ होगा, इससे देश की जनता उन्हें दूर से दंडवत कर रही है। उत्तराखंड में कोर्ट का हस्तक्षेप सत्ताधीशों की गलतियों की वजह से है।

‘हिटलर का भी अहंकार टूटा था’
शिवसेना ने कहा, ‘उत्तराखंड में हुई गड़बड़ी और राजनीतिक उठापटक के लिए लोगों ने तुम्हारे (बीजेपी के) हाथ में सत्ता नहीं दी है।’ संपादकीय में लिखा गया है-‘तानाशाह मत बनो। तानाशाह हिटलर का भी गर्व, अहंकार खत्म हो गया और अंधेरे खंदक में उसे गोली मारनी पड़ी। इसलिए लोकतंत्र के महत्व को समझो।’ पूरे घटनाक्रम को बीजेपी की इज्जत से जोड़ते हुए शिवसेना ने नेताओं को सबक लेने की सलाह दी। शिवसेना ने कहा, जनता ने राज करने की लिए हाथ में दोधारी तलवार दी है। इस तलवार से खुद की नाक मत काटो। उत्तराखंड में यही हुआ है।

 

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