तहसील दिवस से गायब यूपी के दर्जनों जिलों के डीएम

सीएम चुस्त -डीएम सुस्त

ठंड के कारण कई डीएम नहीं पहुंचे तहसील दिवस में, भटकते रहे फरियादी
अफसरों के नकारापन के कारण प्रभावित हो रही हैं विकास की योजनाएं
ई-टीवी पर चली खबर तो तहसील दिवस में भागे डीएम

K14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भले ही सुबह से नेताओं और अधिकारियों से मिल रहे हों, लेकिन उनके कलेक्टर ऑफिस तो क्या, तहसील दिवस में भी नहीं पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ई-टीवी न्यूज चैनल के रियलटी चेक में यह निकलकर सामने आया है कि सूबे के कलेक्टर को सबसे अधिक ठंड लग रही है और वह जनता के सुनवाई दरबार में नहीं पहुंच रहे हैं।
लखनऊ से सटे सीतापुर के कलेक्टर इंद्रवीर सिंह यादव को भी ठंड लग रही है। वह तहसील दिवस में नहीं पहुंचे, इसके साथ ही कानपुर के कलेक्टर कौशलराज शर्मा, गोरखपुर के ओएन सिंह, हमीरपुर की संध्या तिवारी, इलाहाबाद के संजय कुमार, मेरठ के पंकज यादव और आगरा के पंकज कुमार भी तहसील दिवस पर नहीं पहुंचे। फरियादियों की मानें, तो उन्हें जनसुनवाई पसंद नहीं है। ई-टीवी ने प्रदेश भर में अभियान चलाकर रियलटी चेक किया तो पता चला कि मुख्यमंत्री की मंशा पर ये कलेक्टर पानी फेर रहे हैं। सवाल यह है कि जब कलेक्टर की यह हालत है, तो जिले के कप्तान को दौरा करने और घर से निकलने की क्या जरूरत है। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ही जनता लगातार परेशान हो रही है। सीएम अखिलेश यादव ने भी कहा है कि जो अधिकारी जनता की नहीं सुनेगा उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मगर अफसर हैं कि सुधरने का नाम ही नहीं लेते।

अधिकारियों की उदासीनता से जनता दरबार में बढ़ जाती है भीड़

कलेक्टर और कप्तान की उदासीनता का ही नतीजा है कि जनता दर्शन और जनता दरबार में लगातार फरियादियों की संख्या बढ़ रही है। जिलों में आयोजित तहसील दिवस में अधिकारियों के न आने की वजह से एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल और पटवारी की मौज रहती है। पुलिस वाले भी फरियादियों को फटकार कर भगा देते हैं या उन्हें बाद में मिलने के लिए कहते हैं। अधिकारियों के मौके पर न पहुंचने की वजह से लगातार मामले बढ़ते जा रहे हैं। आला अधिकारी के न होने का कानूनगो और लेखपाल पूरा फायदा उठाते हैं। वह मामलों का उनके इलाकों में आकर निपटारा करने का भरोसा देते हैं और इसके बाद शुरू होता है उगाही का सिलसिला। तहसील दिवस पर जमीन जायदाद के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। इन मामलों की स्थानीय स्तर पर तब भी सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जनता दर्शन में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते रहते हैं कि जमीन से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द सुलझाएं।

ठंड के कारण स्कूल 24 जनवरी तक बंद

खराब मौसम की वजह से जिलाधिकारी ने दिया स्कूलों को बंद करने का आदेश

लखनऊ। जिलाधिकारी राजशेखर ने खराब मौसम की वजह से आठवीं तक के स्कूलों में 23 जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है। जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों, मान्यता प्राप्त विद्यालयों, सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में शनिवार तक आठवीं तक की कक्षाएं नहीं चलेंगी। नवीं से 12वीं तक की कक्षाएं खुलने का समय भी परिवर्तित कर दिया गया है, जिसके अनुसार सुबह 9 बजे से 2 बजे तक नवीं से 12वीं तक की कक्षाएं चलेंगी। इसके अलावा 24 जनवरी को रविवार का अवकाश है। इसलिए आठवीं तक के सभी स्कूल 25 जनवरी को खुलेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी और समस्त स्कूलों में सूचना भेज दी गई है। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को आठवीं तक के स्कूलों को 23 जनवरी तक बंद रखने का आदेश लागू करवाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

हल्की बारिश से बढ़ी गलन, घरों में दुबके लोग

राजधानी में आज सुबह हुई हल्की बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। पिछले कुछ दिनों से हुए मौसम में बदलाव का असर आज भी दिखा। राजधानी सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में गलन और ठंड बढ़ गई है।

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