तहसील दिवस की शिकायतों में राजस्व वादों की संख्या सबसे अधिक

तहसील दिवस के आकड़ों का हाल

आंकड़ों पर गौर करें तो मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में कुल 730 मामले प्रस्तुत हुए थे, जिसमें राजस्व विभाग के 301 मामले प्रस्तुत हुए, जबकि पुलिस के 134, विकास के 77, शिक्षा के तीन, समाज कल्याण 22, चिकित्सा तीन और अन्य विभागों से संबंधित 150 मामले प्रस्तुत हुए थे। इसी प्रकार 7 जुलाई को आयोजित तहसील दिवस में कुल 940 मामले प्रस्तुत हुए, जिसमें 411 मामले राजस्व से संबंधित थे। 16 जून को तहसील दिवस में 618 मामले प्रस्तुत हुए, जिसमें 318 मामले राजस्व के थे। 2 जून को 767 मामले प्रस्तुत हुए, जिसमें 377 मामले राजस्व के थे।

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। जिले में राजस्व संबंधी विवादों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से तहसील दिवस पर प्रस्तुत मामलों में राजस्व वादों की संख्या सबसे अधिक होती है। जिनका निस्तारण प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
जन समस्याओं का गुणवत्तापरक और समय पर निस्तारण करवाने के उद्देश्य से तहसील दिवस का आयोजन होता है। इसमें हर महीने प्रथम और तृतीय मंगलवार को सभी तहसीलों में सुबह 10 बजे से 1 बजे तक तहसील दिवस में लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं, जिनका मौके पर एवं संबंधित विभाग के माध्यम से 14 दिन में निस्तारण किया जाता है। इस दौरान पुलिस, राजस्व, विकास, शिक्षा, समाज कल्याण, चिकित्सा और अन्य विभागों से संबंधित मामलों को पेश किया जाता है।
गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण प्रमुखता से करने और जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले भूमाफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। इस मामले को गंभीरता से लेकर लखनऊ में भी भूमाफियाओं और जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद तहसील दिवस से लेकर रोजाना अधिकारियों के कार्यालय में होने वाली जनसुनवाई में सर्वाधिक शिकायतें राजस्व से संबंधित ही होती है। जिनका निस्तारण प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।

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