तहसील के निरीक्षण में खामियां मिलने के बाद डीएम सख्त

  • एडीएम प्रशासन करेंगे राजस्व न्यायालय के लचर कार्य प्रणाली की जांच

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिलाधिकारी राज शेखर ने सदर तहसील के निरीक्षण में मिली खामियों को गंभीरता से लिया है। राजस्व न्यायालय की लचर कार्य प्रणाली और वर्षों से लंबित मामलों के निस्तारण में लापरवाही की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसमें अपर जिलाधिकारी प्रशासन राजेश कुमार पाण्डेय को राजस्व न्यायालय की लचर कार्य प्रणाली की जांच करने का आदेश दिया गया है। जिसमें उन्हें 15 दिन के अंदर विस्तृत रिपोर्ट बनाकर डीएम सौंपना है।
जिलाधिकारी ने गुरुवार को तहसील सदर का निरीक्षण किया था। इस दौरान तहसील में राजस्व न्यायालय की लचर कार्य प्रणाली से संबंधित अनेकों शिकायतें मिली, जिसमें लंबे समय से राजस्व संबंधी मामले पर सुनवाई न होने का मामला भी सामने आया। कोर्ट के निरीक्षण में मालूम हुआ कि लेखपाल ने एलआरएक्ट की धारा 41 के अन्तर्गत प्रारम्भिक रिपोर्ट नहीं लगाई गई। इस कारण मामला करीब 10 साल से लंबित पड़ा है। इसे राजस्व न्यायालय पर लोगों के विश्वास को क्षति पहुंचाने वाला कदम माना गया। इसलिए डीएम ने एडीएम प्रशासन राजेश कुमार पाण्डेय को मामले की जांच करने और 15 दिन में संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय करते हुए कारण सहित रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि अनावश्यक विलंब के दोषी पाये गये कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। जिलाधिकारी के निरीक्षण में पट्टा रिकार्ड, कृषि, हाउसिंग, वन, कुम्हारी और पशुपालन से संबंधित अनेकों फाइलों में कमियां मिलीं। इसलिए डीएम ने लंबे समय से लंबित पट्टों के मामलों को सुलझाने के लिए 10 वर्ष पुराने पट्टा दाताओं का ब्यौरा, फ ोटो और वर्तमान में पट्टे से संबंधित भौतिक और कानूनी स्थिति को 15 जून तक तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा शेष पट्टों की तैयारी अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिये गये हैं।

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