डॉ. सूर्यकान्त को मिला चिकित्सा शिरोमणि सम्मान

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डॉ. सूर्यकान्त को हिन्दी भाषा के क्षेत्र में किये गये योगदानों को देखते हुए अखिल भारतीय हिन्दी सेवा संस्थान, इलाहाबाद द्वारा चिकित्सा शिरोमणि की मानद उपाधि से अलंकृत कर सम्मानित किया गया है। अभी हाल ही में अखिल भारतीय हिन्दी सेवा संस्थान, इलाहाबाद द्वारा राष्ट्रभाषा गौरव की मानद उपाधि एवं उ.प्र. हिन्दी संस्थान द्वारा डा. सूर्यकान्त को विश्वविद्यालय स्तर पर हिन्दी के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिये भी सम्मानित किया गया है।
चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेजीडेंट चिकित्सकों में वे सबसे पहले ऐसे चिकित्सक थे जिन्होनें मरीजों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश, परहेज और सावधानियां हिन्दी में लिखनी प्रारम्भ की। सबसे पहली बार चिकित्सकीय शोध प्रबन्ध कार्य हिन्दी में लिखकर उन्होंने पुन: किंग जॉर्ज मेडिकल कालेज में एक नया हिन्दी भाषा के प्रसार में एक कीर्तिमान गढ़ दिया था।
12 जनवरी 1992 को चिकित्सा जगत का पहला शोधपत्र हिन्दी में वाराणसी में आयोजित क्षय रोग संबन्धी वैज्ञानिक सम्मेलन में प्रस्तुत करने का श्रेय भी डा. सूर्यकान्त को जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की अपनी सेवाओं से उन्होने न सिर्फ हिन्दी को सदैव बढ़ावा दिया वरन् अधिकाधिक चिकित्सकीय लेखन राष्ट्रभाषा हिन्दी में ही किया। विभिन्न राष्ट्रीय दैनिक पत्र व पत्रिकाओं में उनके 400 से अधिक उत्कृष्ट हिन्दी लेख इस बात का सशक्त प्रमाण हैं। डा. सूर्यकान्त की हिन्दी भाषा में पांच मौलिक पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके द्वारा वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू विषय पर लिखी पुस्तकें तो हिन्दी समेत किसी भी भाषा में सर्वप्रथम थी। जाहिर तौर पर उन्होंने अपने प्रयत्नों से हिन्दी भाषा को भी समृद्ध किया है।

Pin It