डेड लाइन से पहले शुरू हो सकता है मेट्रो का ट्रायल

  • मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने एलएमआरसी से मांगी ट्रायल संबंधी रिपोर्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ मेट्रो का काम तय समय से पहले पूरा करने की कोशिशें लगातार की जा रही है। इसमें मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने भी व्यक्तिगत रुचि लेना शुरू कर दिया है। वह हर हाल में नवंबर तक मेट्रो का ट्रायल शुरू करवाने की योजना बना चुके हैं। इसीलिए उन्होंने एलएमआरसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेट्रो के निर्माण कार्यों की जानकारी ली और मेट्रो के ट्रायल से संबंधित रिपोर्ट सप्ताह भर में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
राजधानी में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक फस्र्ट फेज में मेट्रो का ट्रायल किया जाना है। इसकी समय सीमा पहले दिसंबर निर्धारित की गई थी। लेकिन कल मुख्य सचिव दीपक सिंघल, प्रमुख सचिव आवास सदाकांत और लखनऊ मेट्रो के एमडी केशव कुमार के बीच हुई बैठक में तय समय से करीब एक महीना पहले ट्रायल करवाने की योजना बनाई गई। मुख्य सचिव ने एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक केशव कुमार से कहा कि मेट्रो का निर्माण कार्य तेजी से होना चाहिए। निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक फस्र्ट फेज का निर्माण कार्य पूरा होने के करीब है। यदि समय से मेट्रो रूट तैयार हो गया, तो हम नवंबर के पहले सप्ताह में भी मेट्रो का ट्रायल शुरू कर सकते हैं। यदि नवंबर में मेट्रो का ट्रायल शुरू हो गया, तो राजधानी के लोग मार्च की जगह जनवरी-2017 से मेट्रो ट्रेन में सफर कर सकेंगे। इसलिए मुख्य सचिव ने एक सप्ताह के अंदर मेट्रो के निर्माण कार्य से जुड़ी सारी जानकारी मांगी है। इस बैठक में प्रमुख सचिव आवास सदाकांत और लखनऊ मेट्रो के एमडी केशव कुमार भी मौजूद थे।

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