डेंगू के नाम से लखनऊ में आतंक अवैध वसूली में जुटे अस्पताल

  • स्वास्थ्य महकमा डेंगू पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम
  • राजधानी के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की जगह तक नहीं

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Capture2लखनऊ। जिले में डेंगू का आतंक बुरी तरह से फैल चुका है। अब तक डेंगू से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग डेंगू की चपेट में हैं। अस्पतालों में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं बची है। डेंगू के मरीजों को दवाओं और प्लेटलेट्स से नाम पर खुलेआम लूटा जा रहा है। अस्पताल लोगों से डेंगू के इलाज के नाम पर मनमाना वसूली कर रहे है। जबकि स्वास्थ्य महकमा आंकड़ों की बाजीगरी का खेल खेलने में व्यस्त है। डेंगू और मलेरिया उन्मूलन विभाग मात्र कुछ इलाकों में छिडक़ाव करके खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है। वह खुद बीमारी पर रोकथाम करने की बजाय जनता से बचाव की अपील करता नजर आ रहा है।
लखनऊ में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। चार साल पहले राजधानी में जब डेंगू ने दस्तक दी तो अफरा-तफरी मच गई थी। शासन से लेकर प्रशासन तक सभी ने डेंगू की रोकथाम के लिए दावे किए थे, लेकिन सारे दावे फेल नजर आ रहे हैं। चार साल पहले डेंगू से मरने वालों का सिलसिला जारी है। जुलाई माह शुरु होते ही लोगों में डेंगू की दहशत देखी जा सकती है। डेंगू का आतंक और उसकी दहशत लोगों में बुरी तरह फैली हुई है। सरकारी अस्पताल ही नहीं निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज भरे पड़े हैं। हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है लेकिन डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आखिर डेंगू का कहर रूकेगा कैसे? क्या राजधानी लखनऊ भी पूर्वांचल की राह पर चलने की ओर अग्रसर है, जहां पिछले 36 साल से इंसेफ्लाइटिस का कहर व्याप्त है। इंसेफ्लाइटिस और डेंगू में फर्क बस इतना है कि इंसेफ्लाइटिस मासूमों की मौत का सबब बनता है और डेंगू किसी को भी नहीं बख्श रहा।

प्लेटलेट्स के नाम पर लूट

डेंगू के मरीजों को चढ़ाई जाने वाली प्लेटलेट्स की मनमानी कीमत वसूली जा रही है। आलम यह है कि 400 रूपये प्रति यूनिट का प्लेटलेट्स दो से तीन हजार रुपये प्रति यूनिट में बिक रहा है। मरीजों की जांच में वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू या कुछ और चिकित्सक प्लेटलेटï्स की कमी बता कर लूट रहे हैं। जिन अस्पतालों में ब्लड बैंक नहीं हैं, वह दूसरे ब्लड बैंक से सम्पर्क करके प्लेटलेट्स मंगा रहे हैं।

मरीजों की संख्या 300 से अधिक

इस साल राजधानी में अब तक डेंगू बुखार के संदिग्ध मरीजों की संख्या 300 का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं इस बुखार से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू से होने वाली मौतों का यह आंकड़ा सरकारी अस्पतालों से लिया गया है। निजी अस्पतालों में मरने वालों का कोई आंकड़ा नहीं है। जबकि स्वास्थ्य महकमा तो डेंगू से होने वाली मौतों का आंकड़ा मानने को तैयार नहीं है।

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