डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम पार्षदों ने संभाली कमान

  • अपने खर्च से मशीनें खरीदकर कराई क्षेत्र में फॉगिंग

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम व अन्य जिम्मेदारों की सुस्त कार्य प्रणाली के बाद अब नगर निगम पार्षदों ने डेंगू के खिलाफ मोर्चा संभालना शुरू कर दिया है। क्षेत्र की बदहाल सफाई व्यवस्था और डेंगू की वजह से नाराज लोगों का सामना करने वाले पार्षदों ने अब अपने पैसे से एंटी लार्वा का छिडक़ाव करने वाली मशीनें खरीदी हैं। इस मामले में महापौर डॉ. दिनेश शर्मा ने भी पार्षदों से राजनीति छोडक़र डेंगू के प्रकोप से लडऩे की गुजारिश की थी। इसलिए आजकल निगम के पार्षद अपनी पीठ पर मशीनें बांधकर अपने समर्थकों को लेकर गंदगी की भरमार वाले स्थानों पर एंटी लार्वा का छिडक़ाव करते नजर आ रहे हैं।
लालकुआं वार्ड के पार्षद अमित सोनकर ने अपने समर्थकों के साथ वार्ड की गलियों और मोहल्लों में एंटी लार्वा का छिडक़ाव करवाया। उधर, चित्रगुप्त नगर वार्ड में मालवीय स्टेट व विजय नगर मंदिर के पास सफाई और एंटी लार्वा का छिडक़ाव किया गया। यहां नगर निगम के उप सभापति और पार्षद हरसरन लाल गुप्ता खुद मशीन से एंटी लार्वा का छिडक़ाव करते नजर आये। पार्षद रजनीश गुप्ता ने शास्त्रीनगर, इंद्राणीनगर, रामनगर, पसियाना, कुण्डरी व खजुहा में एंटी लार्वा छिडक़ाव कराया। पार्षद विनोद कृष्ण सिंघल ने बैरुनी खंदक में छिडक़ाव कराया। इसके अलावा मच्छरों के काटने से होने वाले रोगों और उनसे बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।

डेंगू ने ली पांच और जिंदगियां

राजधानी में शुक्रवार को डेंगू की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गयी। सआदतगंज में रहने वाली 13 वर्षीय शीतल की आज सुबह डेंगू के कारण मौत हो गई। वह विगत तीन दिनों से बीमार थी। सीतापुर रोड के हिमसिटी निवासी गुलाब सिंह की पत्नी 30 वर्षीय पूनम सिंह की डेंगू की गिरफ्त में आने से मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि डेंगू की पुष्टि होने पर तीन दिन पहले पूनम को जगरानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भारतेंदु हरिशचन्द्र वार्ड के पल्टन छावनी निवासी 38 वर्षीय शैलेन्द्री यादव व उदयभान यादव की बुखार से मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक डेंगू की पुष्टि होने पर दोनों को निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। चौक निवासी मेहरूनिशा की मौत डेंगू की गिरफ्त में आने से हुई है। वहीं, गोसाईंगंज में मलखान सिंह सराय करोरा निवासी गोलू, राजेंद्र समेत करीब 20 लोग निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।

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