डेंगू और दिमागी बुखार का कहर जारी, 4 की मौत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में दिमागी बुखार व डेंगू से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को राजधानी के अस्पताल में दिमागी बुखार से पीडि़त 3 और डेंगू पीडि़त 1 मरीज की मौत हो गयी। वहीं केजीएमयू में दिमागी बुखार से पीडि़त तीन व बलरामपुर अस्पताल में डेंगू के चार नए मरीज भर्ती हुए हैं।
अभी तक राजधानी में दिमागी बुखार से करीब 30 मरीजों की मौत हो चुकी है वही डेंगू की चपेट में आने से दो मरीजों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को केजीएमयू के बाल रोग वार्ड में भर्ती हरदोई निवासी नंदिनी (6) व सीतापुर निवासी तानिस (4) की मौत हो गई। दोनों को तेज बुखार व झटके आने की शिकायत के चलते कुछ दिन पहले भर्ती कराया गया था। बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार डेंगू के मरीजों को दो अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है।
पीजीआई में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने से कतराते रहे डॉक्टर
एसजीपीजीआई में डेंगू के मरीज को भर्ती करने में इमरजेंसी के डॉक्टर कतराते रहे। बाद में किसी मंत्री का फोन आने पर उसका इलाज शुरू किया गया। डेंगू के मरीजों के लिये पीजीआई में अलग से व्यवस्था की गई है। फिर भी मरीजों को इलाज देने में डॉक्टरों की ओर से देरी की जा रही है। मंगलवार को पीजीआई की इमरजेंसी में मरीज बृजेंद्र प्रताप दोपहर पहुंचा। परिजनों के मुताबिक मरीज को डेंगू था। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर होते देख पीजीआई रेफर किया था। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों से मरीज का इलाज शुरू करने के लिये कहा गया, जिसे डॉक्टरों ने गंभीरता से नहीं लिया। बाद में एक मंत्री से संस्थान के अधिकारियों के पास सिफारिश आई। सिफारिश के बाद भी मरीज को काफी देर तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा। वैसे पीजीआई के इयूनोलॉजी और इंडोक्राइन विभाग में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए 10 बेड सुरक्षित हैं। बावजूद मरीज को घंटों टरकाया जाता रहा।

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