डीजीपी बिकता है, बोलो खरीदोगे!

लो पूर्व डीजीपी एसी शर्मा और ए एल बनर्जी की कारगुजारियां आने लगी सामने… डीजीपी बेचते थे 20 लाख में थाना

संजय शर्मा
E1लखनऊ। वही हुआ, जो हमने कहा था, हमने लिखा था और हमने बताया था। भ्रष्टाचार की परत दर परत अब खुलने लगी है। सिर्फ मौजूदा डीजीपी एके जैन ही नहीं बल्कि यूपी के दो पूर्व महानिदेशकों पर भी भ्रष्टाचार के सीधे आरोप लग रहे हैं। यूपी में थाने बिकते हैं यह तो सभी को पता है लेकिन थानों की कमाई सीधे डीजीपी के पास जाती है अब यह बात सिद्ध हो गयी। आगरा में पकड़े गये समाजवादी पार्टी के नेता शैलेन्द्र अग्रवाल के मोबाइल और बैंक खातों की व्यक्तिगत जांच से सिद्ध हो गया है कि लेनदेन का पैसा एसी शर्मा और एल बनर्जी तक पहुंचता था। आईजी अमिताभ ठाकुर कहते हैं कि उन्होंने इस बात की सूचना मुख्यमंत्री और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचा दी है और इन दोनों पर कार्रवाई की मांग की है। अमिताभ ठाकुर कहते हैं कि शैलेन्द्र अग्रवाल को 13 गनर मिले थे जिनमें 9 गनर पूर्व डीजीपी एएल बनर्जी ने मुहैया कराये थे। उनके इस क्लू से साफ है कि अग्रवाल और बनर्जी के बीच घनिष्ठ संबंध थे जिसका फायदा अग्रवाल थानेदारों की पोस्टिंग कराके उठाता था और उसका शेयर डीजीपी तक पहुंचता था। बैंक एकाउंट से साफ हो गयी है तस्वीर अमिताभ ठाकुर ने स्वयं की जांच से जो तथ्य प्रस्तुत किये हैं उनमें साफ है कि शैलेन्द्र अग्रवाल और बनर्जी के बीच बैंकिंग होती थी। ई-ट्रांजक्शन के जरिये पैसों का हस्तांतरण किया जाता था। अब जब सूबे का पुलिस मुखिया ही पैसे लेकर पोस्टिंग करता हो तो पूरे महकमे पर उंगली उठना वाजिब है। ऐसे में जरूरी है कि इस पूरे प्रकरण की जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई
एके जैन पर भी उठी हैं उंगलिया
सभवत: मौजूदा डीजीपी एके जैन पहले ऐसे पुलिस अधिकारी होंगे जिन पर पद पर बने रहते हुए अभियोग चलाने की अनुमति मांगी जा रही है। रीता बहुगुणा जोशी के घर जलाए जाने वाले प्रकरण को लेकर सीबीसीआईडी ने एके जैन पर अभियोग चलाने की अनुमति शासन से मांगी है। यही नहीं उनकी एक चिट्ठी भी विवादों में है जिसमें वह एक हत्यारोपी को बचाने की वकालत करते हुए दिखायी दिये।

व्यापारी को गोली मारी
रंगदारी न देने पर गुंडों का आतंक, व्यापारियों ने किया हंगामा
2 महीने पहले बेटे को मारी थी गोली, नाकारा पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रतापगढ़ जनपद के कोतवाली नगर क्षेत्र में एक अपराधी ने व्यावसायी महादेव केशरवानी के घर में घुसकर गोली मार दी। गोली सिर में लगने से महादेव फर्श पर गिर पड़े। परिजन कुछ समझते तब तक हमलावर बाइक पर सवार होकर फरार हो गये। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने महादेव को उपचार के लिए इलाहाबाद के एक निजी अस्तपाल में भर्ती कराया है। जहां उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। गोली मारने की घटना से व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है।
व्यापारी दुकान बंद कर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। महादेव पर दो माह पूर्व भी हमला हो चुका है। प्रतापगढ़ जनपद के सदर मोड़ निवासी महादेव व्यवसाई हैं। पुलिस अधीक्षक बलिकरन यादव ने बताया कि महादेव के घर में सुबह लगभग नौ बजे एक युवक महादेव को चाचा कहते हुए उनके घर में घुस गया। तथा महादेव को गोली मार दी। महादेव की हालत ठीक बताई जा रही है। हमलावर को पकडऩे के लिए टीम लगाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर हमलावरों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पुलिस हिरासत में मंत्री

दिल्ली पुलिस के साथ फैजाबाद पहुंचे मंत्री, अपराधियों की तरह लाई पुलिस

लखनऊ। किसी अपराधी की तरह दिल्ली के कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरे और सडक़ के रास्ते फैजाबाद जाने के लिए रवाना हो गये। न समर्थकों का लाव लश्कर, न जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे। तोमर ने शांत माहौल में खुद के इस हाल पर मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। दिल्ली सरकार को केंद्र काम नहीं करने दे रहा है। बता दें कि मंगलवार को गिरफ्तार किए गए तोमर को दिल्ली पुलिस स्टेशन से सडक़ के रास्ते फैजाबाद ले जा रही है। वहां अवध यूनिवर्सिटी में उनके डिग्रियों और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद बाद तोमर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

 

Pin It