डीएम ने प्रधानों को कराया जिम्मेदारी का एहसास

  • गांधीभवन सभागार में आयोजित कार्यशाला के दौरान प्रधानों को दी गई योजनाओं की जानकारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिलाधिकारी राजशेखर ने गांधी भवन सभागार में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। उन्होंने ग्राम प्रधानों के कार्यों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताने के साथ ही केन्द्र और प्रदेश सरकार की तरफ से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता बरतने का निर्देश भी दिया। इस कार्यशाला में करीब 550 ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यशाला को लाभदायक बताया।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत सदस्यों को सरकारी योजनाओं के दिशा निर्देशों और मापदण्डों के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत की तरफ से किये जाने वाले हर कार्य का अनुमोदन किया जाना चाहिए। हर कार्य के लिए एक अलग फाइल होनी चाहिए। ग्राम प्रधानों को पंचायत क्षेत्र में होने वाले सभी निर्माण कार्यों की पारदर्शिता बनाये रखने के लिए कार्य शुरू होने से पूर्व, कार्य होने के दौरान और कार्य समाप्ति के बाद की फोटो जरूर करानी चाहिए। ग्राम पंचायत की बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए। किसी भी सरकारी योजना के तहत लाभार्थियों का चयन और खर्च संबंधी ब्यौरे का ऑडिट ग्राम पंचायत की खुली बैठक में किया जाना जरूरी है। इसमें 2 लाख रुपये से ऊपर के कार्य को कार्यस्थल पर डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से दिखाया जाना चाहिए। वर्ष 2016-17 में सरकारी विद्यालयों की मरम्मत रख-रखाव और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में जहां कहीं भी अवैध अतिक्रमण की शिकायत मिले, उसको हटवाने के लिए प्रशासनिक एवं विधिक कार्यवाही की जानी चाहिए। यदि ग्राम पंचायत को प्रशासन और पुलिस के सहयोग की आवश्यकता होगी, तो उसे तत्काल सहयोग उपलब्ध कराया जायेगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उमेश मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएनएस यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

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