डीएम के निरीक्षण में खुली पोल

निर्माण कार्यों में विलंब की वजह कहीं तकनीकी कारण तो कहीं अधिकारियों की लापरवाही

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। जिलाधिकारी राजशेखर ने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में निर्माणाधीन पुलों का निरीक्षण किया। इस दौरान हाथी पार्क के पास रेलवे अण्डर पास ब्रिज, टीले वाली मस्जिद के बगल में बन रहे फ्लाई ओवर और तेलीबाग में सडक़ चौड़ीकरण के कार्यों को मौके पर पहुंचकर देखा। इसके बाद कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों में तेजी लाने, समय से काम पूरा करने और कार्य की गुणवत्ता बनाये रखने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने हाथी पार्क के पास बन रहे रेलवे अण्डर ब्रिज का निरीक्षण किया। इस ब्रिज को लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2013 में पुल बनाने के लिए 4.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। रेलवे विभाग ने मार्च 2015 से ओवर ब्रिज बनाने का काम शुरू किया था। निरीक्षण के दौरान पता चला कि 4.6 करोड़ की लागत से बनने वाले ब्रिज का काम तकनीकी कारणों से लंबित हो रहा है। हालांकि यह कार्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो गया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है, ताकि नये साल में जनता को लाभ मिल सके। उन्होंने टीले वाली मस्जिद के बगल में गोमती नदी पर बन रहे फ्लाई ओवर का भी निरीक्षण किया, जिसमें मालूम हुआ कि परियोजना के लिये फरवरी 2014 में 17 करोड़ की लागत मंजूर की गयी थी। 300 मीटर लम्बे इस पुल के लिए सेतु निगम को पहली किस्त 7 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई थी, जिस पर माह अगस्त 2015 में कार्य प्रारम्भ किया गया था। इस पुल का करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पहली किस्त की धनराशि भी लगभग व्यय हो चुकी है। दूसरी किस्त की धनराशि की मांग की गयी है, लेकिन अब तक दूसरी किस्त नहीं मिली है। इसलिए परियोजना का कार्य मार्च 2017 तक पूरा हो जायेगा, इसमें संदेह लग रहा है। इसके अलावा उन्होंने तेलीबाग में सडक़ चैड़ीकरण के कार्य का भी निरीक्षण किया, जिसमें सडक़ को तीन लेन से छह लेन करने का काम चल रहा है। इस मार्ग की लम्बाई 3.7 किमी. है। अनुमानित लागत 33 करोड़ रुपये है।

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