डिजायनर गहने बन रहे महिलाओं की पसंद

  • बच्चों के लिए है बेबी कलेक्शन तो लड़कियों के लिए जी कलेक्श
  • ब्रेसलेट, रिंग और कान के बुंदे लड़कियों की है पंसद

Capture हिना खान
लखनऊ। एक दौर था जब महिलाओं की पसंद होती थी सिर्फ सोने के गहने। अब ऐसा नहीं है। फैशन की आबोहवा में उनकी सोच बदल गयी है। महिलाओं में सोने की चमक के पीछे लगाव और उसके सहेजने समेटने की जो प्रवृति थी वह काफी पीछे छूट गयी है। अब कोई सोना बटोरना नहीं चाहता। अब फैशन के नाम पर सोने के चमक की खनक तभी है जब वह बहुमूल्य कुंदन ,डायमण्ड, माणिक्य से जड़े हो। साथ में हल्के हों। यानि अब डिजाइनर गहने महिलाओं व लड़कियों की पसंद बन गये हैं।

बदलाव का आलम देखिए कि अब शहर की नहीं गांवों की औरतें भी हसुली, कर्धन, मोटे पायल जैसे पारम्परिक गहनों की जगह डिजाइनर गहने तलाश करती हैं। इस बदलाव का कारण है टीवी सीरियल व फिल्मों में पहनी जाने वाली ज्वैलरी। यानि महिलाओं को चाहिए ब्राण्डेड कम्पनियों की मोहर लगी डिजाइनर ज्वेलरी। पारम्परिक गहने सिर्फ शादियों तक सिमट गये हैं। लड़कियों को पसंद है चेन, ब्रेसलेट व पेन्डेंट तो औरतों को चाहिए कुंदन, स्टोन, रूबी जडि़त गहने। वर्तमान में बाजार में विभिन्न रत्नों के जेवर उपलब्ध हैं, पर सबसे ज्यादा डिमाण्ड है कुंदन जडि़त ज्वैलरी की। इसके अलावा स्टोन, ओपेन पोलकी, अनकट डायमण्ड, रूबी, पन्ना आदि भी पसंद किये जा रहे हैं। अब तो उच्च वर्ग की महिलाएं व्हाइट गोल्ड भी शौक से खरीद रही हैं। हालांकि पहले व्हाइट गोल्ड की भारत में मांग ज्यादा नहीं थी पर फैशन में होने की वजह से इसकी मांग धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। शुद्ध सोने की खरीददारी अब धनतेरस, अक्षय तृतीया तथा बेटी की शादी पर ही होती हैं। यानी सभी को चाहिए ब्राण्डेड व डिजाइनर गहने। ग्राहकों की पसंद को देखते हुए ब्राण्डेड कम्पनियां सस्ती व हल्की ज्वैलरी बना रही हैं। बाजार मे हर उम्र के लोगों के लिए ज्वैलरी उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं जहां बच्चों के लिए बेबी कलेक्शन है तो लड़कियों के लिए भी जी कलेक्शन। बेबी कलेक्शन में कड़े, अंगुठियां हैं तो जी कलेक्शन में ब्रेसलेट, पेन्डेंट, चेन व बुंदे शामिल हैं। जी कलेक्शन की बिक्री सबसे ज्यादा हैं। इसके अलावा ब्राण्डेड कम्पनियों के शोरूम में वर्किग, नान वर्किंग तथा विभिन्न त्यौहार व पार्टियों के लिए कलेक्शन हैं। इसमें सस्ते दामों पर भी ज्वैलरी उपलब्ध हैं।

गोमतीनगर स्थित एक ज्वैलरी शोरूम के मालिक अजय दास बताते हैं कि हमारे यहां 1500 रुपये में डायमण्ड की ज्वैलरी उपलब्ध हैं। जिसको कॉलेज गोइंग लड़कियां खूब पसंद कर रही हैं। 25 से 35 वर्ष की महिलाएं स्टोन जडि़त ज्वैलरी ज्यादा पसंद करती हैं। स्टोन में 5 हजार से लेकर 35 हजार रुपये तक में कान के बुंदे हमारे यहां हैं। पारम्परिक गहनों की खरीदारी पर श्री दास कहते हैं अब तो टे्रंडिशनल ज्वैलरी की खरीदारी अभिभावक अपने बच्चों की शादी में देने के लिए ही करते हैं। बाकी वैसे तो लोग त्यौहार, पार्टी आदि के लिए जड़ाऊ ज्वैलरी ही पसंद कर रहे हैं। ज्वैलरी की शौकीन व पेशे से शिक्षिका आराधना शुक्ला कहती हैं मुझे तो फैशन के हिसाब से ज्वैलरी पहनना पसंद है। अब वह जमाना नहीं है कि सोने के नाम पर पुश्तैनी जेवर पहना जाए। आप कोई भी टीवी सीरियल, फिल्म देख लीजिए कहीं भी नहीं दिखता है। मैं तो हल्की व डिजाइनर स्टोन जडि़त ज्वैलरी पहनती हूं। कॉलेज गोइंग नेहा, अर्पिता को पेंडेंट ब्रेस्लेट पसंद हैं। वह कहती हैं मार्केट में एक से एक खूबसूरत कम दाम पर फैशनेबल पेन्डेंट, ब्रेस्लेट उपलब्ध हैं। हम फैशन से समझौता नहीं कर सकते। जो फैशन में है वही पहनती हूं।

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