डफरिन अस्पताल में पैरासीटामॉल समेत कई दवाओं का टोटा

  • बुखार से पीडि़त मरीजों को बिना दवा के दिया जा रहा इलाज

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन) में जरूरी दवाओं का संकट हो गया है। हालात यह हैं कि पैरासीटामॉल और विटामिन बी जैसी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दवाओं के लिए आर्डर भेजा जा चुका है, लेकिन दवाएं अभी नहीं आई हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही दवाओं का संकट समाप्त हो जायेगा।
शहर के जाने माने अस्पताल में दवाओं के संकट का हाल तब है, जब बुखार पीडि़त मरीजों की भरमार है। डेंगू बुखार के चलते स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की सभी छुट्टियां तक निरस्त कर दी हैं। रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी बुखार पीडि़तों के लिए ओपीडी चलायी जा रही है। डॉक्टर मानते हैं कि डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया सहित कई प्रकार के बुखार बढ़ रहे हैं। बुखार में पैरामीटामॉल के सेवन को ही उचित माना गया है। इसके अलावा मरीज के खून की जांच के बाद अन्य दवाओं का चयन किया जाता है। ऐसे में डफरिन अस्पताल की बाल रोग विभाग की ओपीडी में पैरासीटामॉल और विटामिन बी जैसी महत्वपूर्ण दवाएं खत्म हो चुकी हैं। छोटे बच्चों को सिरप के बजाय गोलियां दी जाती हैं। यह स्थिति पिछले कई सप्ताह से बनी हुई है। सूत्र बताते हैं कि यह दवाएं तो बानगी भर हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण दवाएं भी मौजूद नहीं है। मलेरिया की जांच के लिए किट मौजूद है लेकिन डेंगू की जांच के लिए मरीजों को बलरामपुर अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

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