ठहरा यातायात, 23 मिनट में केजीएमयू से अमौसी पहुंचा लीवर

  • केजीएमयू के चिकित्सकों ने ब्रेन डेड व्यक्ति का लीवर प्लेन से भेजा दिल्ली
  • चिकित्सकों की एक टीम के साथ अपोलो भेजा गया लीवर

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक मरीज की जिन्दगी बचाने के लिए राजधानी की सारी ट्रैफिक व्यवस्था करीब आधे घंटे तक के लिए रोक दी गई। केजीएमयू से अमौसी तक का रास्ता खाली करवा कर एंबुलेंस से मात्र 23 मिनट में लीवर को अमौसी पहुंचाया गया। वहां से प्लेन के रास्ते लीवर को दिल्ली के अपोलो अस्पताल पहुंचा दिया गया।
किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चिकित्सकों ने आज सुबह गोरखपुर निवासी सुरेन्द्र (ब्रेन डेड ) का सफल आपरेशन कर लीवर तथा किडनी सुरक्षित कर लिया। इसके बाद लीवर लेकर चिकित्सकों की एक टीम दिल्ली के अपोलो अस्पताल के लिए रवाना हुई। इस लीवर को सुरक्षित एंबुलेस से एयरपोर्ट तक ले जाने के लिए यातायात पुलिस ने केजीएमयू से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरीडोर बनाया। इसके अलावा उसकी किडनी को लखनऊ के एसजीपीजीआई ले जाया गया। इस लीवर और किडनी के इस्तेमाल से दूसरे व्यक्ति को नई जिंदगी दी जायेगी। इससे पहले भी केजीएमयू के चिकित्सकों ने सफल आपरेशन के जरिए 15 किडनी तथा 22 लीवर सुरक्षित कर ट्रान्सप्लांट के लिए जरूरतमंदो को भेजने का काम सफलतापूर्वक किया है। गोरखपुर निवासी सुरेन्द्र की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद परिजन सुरेन्द्र को लेकर केजीएमयू के ट्रामा सेन्टर पहुंचे। परिजनों की इच्छानुसार चिकित्सकों ने बे्रन डेड सुरेन्द्र के लीवर से अन्य व्यक्ति की जान बचाने की कवायद शुरू कर दी। चिकित्सकों की मेहनत रंग लाई और सफलता पूर्वक आपरेशन के बाद लीवर तथा किडनी को सुरक्षित कर लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर केजीएमयू के कुलपति प्रो. रविकांत नजर बनाये हुए थे। केजीएमयू के चिकित्सक डॉ. अभिजीत चन्द्र के अगुवाई में डॉ. विवेक गुप्ता,डॉ.परवेज, डॉ.मनमीत सिंह,डॉ.साकेत कुमार,डॉ.प्रदीप जोशी और डॉ. विशाल गुप्ता बे्रन डेड व्यक्ति का आपरेशन कर लीवर तथा किडनी सुरक्षित करने का काम किया।

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