ठंडा पड़ा बीजेपी का युवा जोश

अपने अध्यक्ष की बात नहीं मानते युवा संगठन के सदस्य
संगठन को मजबूती दिलाने के लिये ओम माथुर करेंगे बैठक

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने युवाओं के बारे में बहुत कुछ कहा। उनके भाषणों में अधिक बातें युवा भारत की होती हैं, पर आज यूपी बीजेपी की यूथ विंग ठंडे बस्ते में पड़ी है। यूपी बीजेपी के युवा मोर्चा के अध्यक्ष आशुतोष राय ने अपनी 25 सदस्यों की टीम तो गठित कर ली लेकिन उन्हीं के कुछ ऐसे सदस्य हैं जो अपने ही अध्यक्ष की बात नहीं मानते और मीटिंग में रेगुलर भी नहीं आते हैं। इससे तो साफ जाहिर है की यूपी बीजेपी युवा मोर्चा जिस तरह से उभरी थी उसी तरह धीरे-धीरे गिरती भी जा रही है। गौरतलब है की जैसे ही युवा मोर्चा अपने फुल फॉर्म में आई उसने प्रदेश सरकार को भी घेरने का काम किया था चाहे वो विधान सभा सत्र का समय हो या यूपी की कानून व्यवस्था, पर अब बीजेपी के सभी संगठन पिछले कुछ महीनों से शांत बैठे हैं। संगठन को यूपी में मज़बूत करने में लगी बीजेपी अब सारे हथकंडे अपनाने में जुटी है। इसी को देखते हुए यूपी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर 24 जून को लखनऊ आ रहे हैं और संगठन से जुड़े मुद्ïदों पर सभी संगठनों के बारे में चर्चा करेंगे।
बनाये 10 लाख से अधिक सदस्य
यूपी युवा मोर्चा ने 1 नवम्बर से 31 अप्रैल तक करीब 10 लाख से ज़्यादा सदस्य बनाये। सूत्रों की माने तो यही वजह है की बीजेपी युवा मोर्चा के छोटे स्तर के सदस्य तो अपना काम ठीक से करते है मगर बड़े स्तर के सदस्य अपना काम ठीक से नही कर रहे है। बहरहाल जब युवा मोर्चा के अध्यक्ष की बात कुछ सदस्य नही मान रहे है तो यही वजह है की बीजेपी यूपी युवा मोर्चा अब अपना इस्तकबाल खोटी हुयी नजऱ आ रही है।
अयोध्या बैठक का कोई निष्कर्ष नहीं
18 , 19 मई को अयोध्या में हुयी बैठक में खुद अनुराग ठाकुर के साथ-साथ कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद थे। बहरहाल बैठक में संगठन की मजबूती, आगे की रणनीति भी तय की गई थी। इसके अलावा सरकार को कानून व्वस्था जैसे मुद्दो पर कैसे घेरा जाये इस पर रणनीति तय हुयी थी लेकिन बैठक को हुए डेढ़ महीने से ज़्यादा समय हो गया है मगर अभी तक उसका कोई निष्कर्ष नही निकला। सूत्रों की माने तो आपसी राजनीति के ेदरमियान अब बीजेपी युवा मोर्चा का धीरे-धीरे स्तर गिरता जा रहा है। पिछले दो सालो में कोई कार्यकारी बैठक नही हुयी है। जाहिर है की पीएम मोदी की युवाओ के लिए भाषणबाज़ी अब खोखली होती जा रही है।
2017 चुनाव में रहेंगी चुनौतियां
जहां एक तरफ लोकसभा चुनाव में बीजेपी एक बड़ी पार्टी बनकर यूपी में आई थी, तो वही एक साल गुजर जाने के बाद बीजेपी का स्तर गिर रहा है। लोकसभा चुनाव के कुछ ही दिनों बाद हुए उप चुनाव हो या निकाय चुनाव, बीजेपी को मुंह की खानी पड़ी थी। शुरु में यूथ विंग के कार्यकर्ता अपने काम के कारण चर्चा में रहे, पर समय से सही दिशा-निर्देश न मिलने के कारण युवाओं का जोश ठंडा पड़ गया। और तो और छोटे स्तर के कार्यकर्ताओं के कार्यों को प्रोत्साहित भी नहीं किया गया जिससे उनका मनोबल टूटता गया। इसी का नतीजा है कि जितने कम समय में बीजेपी यूथ विंग ने ऊंचाई छुई थी उतने ही कम समय में जमीन पर आ गयी है। इसका असर निश्चित ही आने वाले चुनाव में पड़ेगा। इसलिए जरूरी है कि समय रहते इस पर बीजेपी के बड़े नेता इस तरफ ध्यान दे।

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