ट्वेल्व फादर्स ने दर्शाया समाज की मानसिकता को

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureलखनऊ। पौराणिक समय से ही स्त्रियों का शोषण किया जाता है। उसके व्यवहार पर प्रश्नचिन्ह लगाये जाते हैं। उसे आलोचनाओं का शिकार होना पड़ता है। विभिन्न प्रकार की प्रताडऩाएं दी जाती हैं। आज के समय में भी स्त्री स्वतंत्रता बड़ा मुद्दा है। ट्वेल्व फादर्स नाटक के जरिये ऐसे ही कई दृश्यों को दर्शकों के सामने रखा गया। डिजायर फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस नाटक का मंचन गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में हुआ।
नाटक की कहानी की शुरुआत रुद्र प्रताप नामक कैरेक्टर से होती है, जो एक लडक़ी से प्यार करता है। दोनों की शादी भी होने वाली होती है, लेकिन लडक़ी को पता चलता है कि रुद्र अपनी मां की नाजायज औलाद है। ऐसे में लडक़ी रुद्र से शादी करने से मना कर देती है। इस बात से परेशान होकर रुद्र जब मां से अपने बाप के बारे में पूछता है तो मां से जवाब मिलता है कि उसके 12 पिता हैं। रुद्र सभी से बदला लेने का निर्णय लेता है और एक-एक करके सबको मार देता है।
इस दौरान उसे पता चलता है कि उसके आठवें पिता मर चुके हैं। ऐसे में वह उस व्यक्ति के परिवार के सदस्यों का अपहरण कर लेता है। अपहरण किए गए सदस्यों में से एक लडक़ी से उसे प्यार हो जाता है और वह लडक़ी से शादी करने के बारे में सोचता है। मगर उसका परिवार शादी के लिए मना कर देता है। इससे वह वहशीपन पर उतारू हो जाता है। हालात को काबू करने के लिए रुद्र की मां ही उसे मार देती है। इस नाटक को धरमश्री सिंह ने लिखा और इसे सादिक रजा ने निर्देशित किया है। नाटक में मुख्य रूप से नाज खान, प्रमोद शुक्ला, पूर्णिमा अंजुमन सिंह, शिखा, अजय और राजेश ने अपना शानदार किरदार निभाया।

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