टेम्पो बना पुलिस की अवैध वसूली का जरिया

  • पुलिस की सरपरस्ती में दौड़ रहे गैर जनपदों के सैकड़ों वाहन
  • एसएसपी के सख्त निर्देश के बाद भी नहीं थम रही पुलिस की वसूली

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Capture 4लखनऊ। राजधानी में पुलिस की सरपरस्ती में मौत के वाहन धड़ल्ले से सडक़ों पर दौड़ते नजर आ रहे है । अवैध टैम्पो के संचालन में पुलिस अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस वाहनों में न तो यात्रियों को बिठाये जाने की कोई सीमा होती है और न ही कोई वैधता। लेकिन फिर भी ये अवैध टेम्पो धड़ल्ले से सडक़ों पर दौड़ रहे हैं। अवैध होने के बावजूद भी धड़ल्ले से चल रही टेम्पो को रोकना पुलिस की भी मजबूरी है। लेकिन टेम्पो चालकों को रोककर चालकों से महीने के अनुसार नजराना लिया जाता है। इसलिए शहर में अवैध टेम्पो सडक़ों पर दौड़ रहे हैं। जो दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं।
शहर में अवैध टेम्पो चलने की वजह से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे शहर वासियों को घंटो जाम में जूझना पड़ रहा है। इसका ताजा उदाहरण मडिय़ांव थाना क्षेत्र के सामने और चारबाग में रोजाना देखा जा सकता है। मडिय़ांव में विशाल नाम का व्यक्ति अवैध टेम्पो स्टैंड चलाता है। वह टेम्पो चालकों से गाड़ी खड़ा करने का शुल्क लेता है। इसलिए टैम्पो चालक अपनी मर्जी के अनुसार रोड पर जहां-तहां गाडिय़ां खड़ी कर देेते हैं। दरअसल यह टेम्पो स्टैंड और उसका ठेकेदार अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस के इशारे पर काम करता है। इसलिए पुलिस को मिलने वाला हर महीने का नजराना टेम्पो स्टैंड वाला वसूलता है। इतना ही नहीं शहरों में पुलिस से साठ-गांठ बनाकर रखने वाले टेम्पो चालकों को क्षमता से अधिक सवारी बिठाने और तेज स्पीड में गाड़ी चलाने में भी डर नहीं होता है। इससे न सिर्फ टेम्पो चालकों को बल्कि यात्रियों के ऊपर भी एक बड़ा खतरा मंडराता रहता है। जिले में कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं, जब टेम्पो चालकों की लापरवाही से टेम्पो पलटने और हादसे में लोगों के मरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इन सबके बावजूद भी पुलिस केवल अपनी ऊपरी कमाई के चलते अवैध रूप से चल रही टेम्पो चालकों पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। जबकि इससे पूर्व में कई बार वसूली के चक्कर में पुलिस कर्मियों के आपस में भिडऩे का मामला सामने आ चुका है। यहां तक कि एसएसपी मंजिल सैनी ने पुलिस कर्मियों के बीच वसूली के दौरान इकट्ठा पैसे के बंटवारे को लेकर मारपीट के मामले पर नाराजगी जाहिर की थी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसके अलावा दोनों पुलिस कर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया था लेकिन पुलिस कर्मियों की अवैध वसूली थमने का नाम नहीं ले रही है।

तिराहे और चौराहे बने अवैध टेम्पो स्टैंड

शहर में पुलिस की मिलीभगत से ही अवैध टेम्पो स्टैंड बनते जा रहे है। शहर का कोई भी तिराहा या चौराहा देख लीजिए, हर जगह टेम्पो खड़े होने लगे हैं। टेम्पो चालक बेखौफ होकर अपनी गाडिय़ां खड़ी करते और सवारी बिठाते हैं। यहीं नहीं दुबग्गा, पक्कापुल, छठा मील, आईआईएम, मडिय़ाव व इसके अलावा अन्य कई स्थानों पर सिर्फ पुलिस की वसूली के चलते टेम्पो चालकों ने यातायात व्यवस्था को बदहाल बना रखा है। इसमें बिना नंबर की गडिय़ां व डीजल की गाडिय़ां भी धड़ल्ले से चल रही हैं। लेकिन टेम्पो मालिकों और चालकों को किसी का खौफ नहीं रहता है। क्योंकि वो ये भलीभांति जानते हैं कि जब तक टेम्पो चलेगी, नज़राना पेश करते रहेंगे। जो टेम्पो चालक समय से नजराना नहीं पहुंचाता है, उसके खिलाफ पुलिस तुरंत ऐक्शन लेती है।

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