टीबी का मरीज नेत्र विभाग में भर्ती

  • दूसरे मरीजों को संक्रमण का खतरा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। बलरामपुर अस्पताल के नेत्र विभाग में टीबी के एक मरीज को भर्ती कर दिया गया है। जिससे दूसरे मरीजों में संक्रमण होने का खतरा बढ़ गया है। पिछले दो दिन से यह मरीज नेत्र विभाग में भर्ती है। मरीज का कहना है कि डॉक्टरों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साथ ही दूसरे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताते चलें कि डायरिया के मरीजों की संख्या अधिक होने से नेत्र विभाग में मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। जिसमें मरीजों को भर्ती किया गया था।

डायरिया तक तो ठीक था, हद तो तब हो गई जब टीबी के मरीज को भी उसी वार्ड में भर्ती कर दिया गया। जिला हरदोई के मल्लावां कस्बा निवासी दुर्गेश को बीते तीन दिन पहले उसके परिजन अस्पताल लेकर आये थे। ओपीडी में दिखाने के बाद कई जांचें लिखी गई। जिसके बाद दुर्गेश को टीबी की पुष्टि हुई। उसके बाद दुर्गेश को नेत्र विभाग में भर्ती कर दिया गया। जिसके चलते अन्य मरीजों पर संक ट है। नेत्र विभाग में डायरिया के करीब 10 मरीज भर्ती हैं जिनमें संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। सवाल ये है कि संक्रमित मरीज को टीबी एवं चेस्ट विभाग में भर्ती करने के बजाय नेत्र विभाग में रख गया है।

भर्ती डायरिया के मरीज पहले से ही संक्रमण से ग्रसित हैं ऊपर से टीबी के मरीज के उसी वार्ड में भर्ती होने से खतरा और बढ़ गया है। इसके आलावा पैरालिसिस के भी एक मरीज को वार्ड में भर्ती किया गया है। निशातगंज निवासी नसीम पिछले दो दिनों से नेत्र विभाग के वार्ड में भर्ती हैं।

नेत्र विभाग में फैली है अव्यवस्था
नेत्र विभाग में डायरिया के मरीजों को भर्ती जरूर किया गया है लेकिन वार्ड में मरीजों की देखभाल के लिए अतिरिक्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ नहीं रखा गया है। नेत्र विभाग में पहले से ड्यूटी कर रही स्टॉफ नर्सों पर मरीजों की जिम्मेदारी डाल दी गई है। जिससे मरीजों को संभालना मुश्किल हो रहा है। हालात ये हैं कि मरीजों के दर्द से कराहने पर डॉक्टरों को सूचना दी जाती है जिसके बाद डॉक्टर उपस्थित होते तो हैं। कभी-कभी समय भी लग जाता है जिससे मरीजों की जान मुश्किल में पड़ जाती है। डायरिया के मरीजों के इलाज के लिए किसी भी डॉक्टर की नियमित रूप से ड्यूटी नहीं लगाई गई है।

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