झारखंड में कोयला खदान धंसी पांच की मौत, 60 लोग फंसे

मृतकों में यूपी, बिहार और झारखंड के लोग शामिल जांच के आदेश
मरने वालों की बढ़ सकती है संख्या, राहत व बचाव कार्य तेज

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureरांची। झारखंड में गोड्डा कोयला खदान धंसने से अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है जबकि 60 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। 300 फीट गहरी खदान में यह हादसा गुरुवार को हुआ। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दुख जताया है। मृतकों में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं। कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हालात पर नजर रखी जा रही है। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।
इस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (इसीएल) की राजमहल कोल परियोजना के ललमटिया के भोड़ाय खदान में यह हादसा गुरुवार देर शाम हुआ। समय गुजरने के साथ खदान में दबे लोगों की बचने की संभावना कम होती जा रही है। खदान करीब 300 फीट तक धंस गई है। इस दुर्घटना में एक जवान, तीन डोजर और 7 सुपरवाइजर सहित 60 से 70 लोगों के फंसे होने की आशंका है। इसके साथ करीब 25 वॉल्वो गाड़ी और 4 पीसी भी दबे हैं। करीब 200 मीटर तक मिट्टी का ढेर हो गया है, जिसे हटाए बिना दबे लोगों तक पहुंचना मुश्किल है। खदान तक जाने का रास्ता बंद हो चुका है। दूसरा रास्ता बनाया गया है, पर जब तक मिट्टी का ढेर नहीं हटेगा वहां तक जाना मुश्किल है। कोहरे और ठंड से बचाव कार्य में परेशानी हो रही है। मौके पर सीआरपीएफ, जिला प्रशासन और स्थानीय लोग भी मदद के लिए मौजूद हैं। परिजनों का कहना है कि बचाव में जो तेजी दिखनी चाहिए नहीं दिख रही। सीएम रघुवर दास ने बचाव कार्य में तेजी लाने का आदेश दिए हैं। झारखंड विकास मोर्चा के महासचिव प्रदीप यादव ने पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सालों से बंद खदान में किसके आदेश पर खुदाई शुरू की गई इसकी जांच होनी चाहिए। मृतकों को सरकार 20 लाख का मुआवजा दे।
मृतकों मेंं नागेश्वर पासवान, (बिहार), राजेंद्र यादव, (सीवान, बिहार), हरे कृष्ण यादव, (सीवान, बिहार), ब्रजेश यादव (उत्तर प्रदेश), जावेद अख्तर (गढ़वा) शामिल हैं।

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