ज्योति इन्वॉयरोटेक संस्था कर रही अधिकारियों को गुमराह

  • डीएम, नगर निगम व सीएंडडीएस की सख्ती के बाद भी कर रहा टालमटोल
  • आठ लाख रुपये की रिपोर्ट दिखाकर करोड़ों के कामों पर डाल रहा पर्दा

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शिवरी प्लांट को शुरू करने में लेटलतीफी पर एजेंसी ज्योति इन्वॉयरोटेक झूठी रिपोर्ट देकर अधिकारियों को गुमराह कर रही है। डीएम, नगर निगम और कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के बार बार चेतावनी देने के बाद भी एजेंसी टालमटोल कर रही है। आलम यह है कि एजेंसी अनुबंध की धाराओं का मनगढंत तरीके से अपनी फर्म के हित में रिपोर्ट दे रही है। अधूरे पड़े सात करोड़ के कार्यों को एजेंसी 10-15 लाख के बता रही है। इस पर सीएंडडीएस ने आपत्ति करते हुए पंद्रह दिनों में स्पष्टïीकरण मांगा है। इसके अलावा शर्तों का उल्लंघन करने पर अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2010 से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट शुरू करने के लिए ज्योति इन्वॉयरोटेक के साथ अनुबंध हुआ था। आज छह साल बाद भी प्लांट में प्रोसेसिंग यूनिट न चलने व अधूरे कार्य पूरे न होने से शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या बन गई है। विगत एक वर्ष से डीएम, नगर निगम, सीएंडडीएस की ओर से लगातार चेतावनी व नोटिस दी जा रही है। इसके बाद भी एजेंसी ने काम शुरू न करके अधिकारियों को गुमराह करने का काम किया है। सीएंडडीएस के मुख्य महाप्रबंधक प्रथम एके राय ने एजेंसी के प्रबंध निदेशक चरणजीत सिंह को नोटिस जारी की है।
नोटिस के मुताबिक अनुबंध संख्या 19/सीजीएम-1/2010-11 में प्राविधानित धाराओं का मनगढंत तरीके से अपनी फर्म के हित में व्याख्या करते हुए सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्यों में अधूरे कार्यों की जानकारी दी गई। जबकि प्रोविजनल कम्पीलशन सर्टिफिकेट के आधार पर जमा सिक्योरिटी पेनाल्टी और अंतिम भुगतान के रूप में 14 करोड़ को देने की मांग एजेंसी ने की है। एजेंसी के अनुसार योजना में सिर्फ 10-15 लाख के कार्य होने है। एजेंसी ने यह भुगतान रोकने अथवा ठीक कराने का अनुरोध किया है। जबकि सीएंडडीएस ने इस पूरी तरह से झूठ बतलाया है।
एजेंसी के अनुसार 10-15 लाख के कार्य होने हैं जबकि सीएंडडीएस के अनुसार ग्रांट राशि से संपादित होने वाले अपूर्ण कार्यों की लागत लगभग 2 करोड़ रुपए है। वहीं आपरेटर मद के कार्यों में लगभग 5 करोड़ लागत के कार्य शेष है। ऐसे में एजेंसी ने योजना के प्रति लापरवाही बरतते हुए तथ्यों को तोड़मरोड कर प्रस्तुत करने के साथ ही उत्तरदायित्व से बचने का प्रयास किया है। एजेंसी के इस दोषपूर्ण जवाब पर सीएमडी ने नोटिस जारी करते हुए अनुबंध की धारा 6.6सी, वी के आधार पर कामॢशयल आपरेशन डेट से 90 दिनों बाद भी काम पूरा न करने पर अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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