जेल से भागने के लिए काटा था बाथरूम का पाइप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्पेशल टॉस्क फोर्स टीम ने पचास हजार रुपये के ईनामी और आजीवन कारावास की सजा पा चुके अपराधी विजय को दिल्ली से गिरफ्तार किया। विजय जेल के बाथरूम की पाइप काटकर अपने आधा दर्जन साथियों के साथ फरार हो गया था। पुलिस को लगभग पांच वर्षों से विजय की तलाश थी।
एसटीएफ आईजी सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि वर्ष 2010 में जिला जेल मेरठ से फरार लूट एवं हत्या के अभियोग में आजीवन कारावास का सजायाफ्ता कुख्यात लुटेरा एवं हत्यारा अपराधी विजय पुत्र टोटू राम निवासी 13, आलोक विहार, थाना ब्रहमपुरी जनपद मेरठ को थाना मोरिस नगर, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। विजय को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ मेरठ की टीम लगातार दिल्ली, उत्तराखण्ड, पंजाब, हरियाणा आदि शहरों में छापेमारी कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली कि विजय नाम बदलकर दिल्ली में रहकर मजदूरी कर रहा है।
ऐसे हुआ था फरार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अपराधी विजय ने पूछताछ में बताया कि माह जुलाई, 2010 में वह देर रात जिला कारागार मेरठ से आठ कैदियों के साथ फरार हुआ था। फरार होने वाले कैदियों में विजय का भाई भाई संजय सहित इकराम पुत्र अमीरूद्दीन, शकील पुत्र नब्बू, सुनील पुत्र रामपाल, मनोज उर्फ आदेश पुत्र राजवीर, मोबिन उर्फ नन्हे पुत्र सिराजुद्दीन, फैजान उर्फ गुड्डïू पुत्र मेहरबान एवं साबिर पुत्र गुलशेर शामिल थे। जेल से फरार होने की योजना फैजान ने बनायी थी। शकील की पत्नी सरिया काटने के लिये फाइल में आरी छिपाकर लाई थी। जहां सभी ने मिलकर बाथरूम में लगी हुई सरिये को आरी से काटने के बाद बैरक के पीछे से बाहर निकलें। बाहर निकल कर वहां जमीन में ऊपर की तरफ गड़े हुये टंकी का पाईप उखाड़ कर उनको रस्सी से जोड़ कर सीढ़ी बना ली तथा जेल की दीवार पर चढ़ गये। इसके बाद सीढ़ी को बाहर की तरफ लगाकर खेतों में उतर कर फरार हो गये।

कर रहा था मजदूरी
विजय ने बताया कि फरार होने के बाद वह मुजफ्फनगर गया। उसके बाद राजस्थान, पठानकोट होते हुए वह दिल्ली चला गया। जहां दिल्ली के करावल नगर में मकान और नाम बदल-बदल कर रह रहा था। जीविका चलाने के लिए वह मजदूरी करता था। फोन पर वह किसी से सम्पर्क नहीं करता था। कभी-कभी उसकी मां विजय से मिलने जाती थी।
2002 में हुआ कारावास
पुलिस के मुताबिक विजय अपने भाई संजय, साथी विक्की, सुनील और विनोद जुल्फी के साथ वर्ष 2002 में दिल्ली चुंगी पर पंजाब एण्ड सिंध बैंक के सामने पेट्रोल पम्प मालिक गुलजिन्दर पाल सिंह की गोली मार कर हत्या कर लगभग साढे पांच लाख रूपये लूट की घटना को अंजाम दिया था। इस लूट एवं हत्या के अभियोग में विजय को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी थी।

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