जेल में बंद सीरियल किलर भाई वसूलते हैं रंगदारी

दो दिन पूर्व गिरफ्तार हुये गुर्गों ने बताई हकीकत

आवाज उठाने पर हुई थी पप्पू पांडये की हत्या

सीरियल किलर भाइयों के खिलाफ आवाज उठाने पर ही अमीनाबाद में पप्पू पांडेय की हत्या हुई थी। पुलिस ने इस मामले में स्थानीय लोगों के सहयोग से एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया था। मामले की जांच कर रहे तत्कालीन अमीनाबाद थाना प्रभारी महंथ यादव ने तीनों भाइयों को साजिश रचने का दावा किया था।
 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सीरियल किलर भाई भले ही जेल में बंद हो लेकिन उनका सिक्का आज भी चलता है। चाहे व्यवसाई हो या नेता हो। हर कोई इनके नाम से दहशत में है। इनके खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति को मौत की नींद सुला दी जाती है। कोर्ट ने भले ही इनकी पेशी पर प्रतिबंध लगाते हुये विडियो कांफे्रंसिंग की व्यवस्था कर दी हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। पेशी के दौरान पहले इनके आदमी इनसे कोर्ट में मुलाकात कर आगे की रणनीति तय कर लेते थे लेकिन वर्तमान में जेल में मुलाकात कर रणनीति तय की जाती है।
दो दिन पूर्व एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने सीरियल किलर भाइयों के गुर्गों को गिरफ्तार किया तो इसकी हकीकत सामने आई थी। एसएसपी के मुताबिक अमीनाबाद स्थित नेतराम मिष्ठान भंडार के मालिक अनूप अग्रवाल के मोबाइल फोन पर रविवार को एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सलीम बताते हुये दो लाख रुपये की मांग की। इसकी सूचना नेतराम ने पुलिस को दी। पुलिस ने जांच करते हुये तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार होने वालों में कैसरबाग के जोगेंद्र पाठक रोड निवासी अनुराग निगम उर्फ विक्की, अमीनाबाद स्थित नया गांव निवासी राहुल सिंह यादव और राजकुमार गुप्ता उर्फ राजू शामिल है। सबसे बड़ी बात यह रही कि यह तीनों सीरियल किलर भाइयों सलीम, सोहराब और रुस्तम के लिए काम करते हैं। इसेस पहले भी इनके नाम को लेकर रंगदारी वसूली जाती थी। इनके डर से व्यवसाई पुलिस को जानकारी नहीं देते थे। रंगदारी देने में अनूप अग्रवाल के अलावा हुसैनगंज के व्यवसायी महेंद्र वर्मा से 25 हजार, ठाकुरगंज निवासी मुश्ताक से 30 हजार, सदरबाजार निवासी सीबू मुर्गे वाले से 30 हजार, बालागंज के व्यवसायी जुबैर से 50 हजार, सदर निवासी विशाल साहू से 20 हजार, आलमबाग निवासी मो. हलीम से 50 हजार और अशोक कुमार शामिल है।

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