जेएनयू प्रकरण ने गरमा दी देश की राजनीति एएमयू में भी प्रदर्शन

देशविरोधी नारों को लेकर कन्हैया को किया गया है गिरफ्तार
जेएनयू कार्यक्रम में अफजल गुरु की मनाई गई थी बरसी
अलीगढ़ के छात्रों ने कहा नेता हमें न पढ़ाएं देशभक्ति का पाठ

T4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जेएनयू में कन्हैया की गिरफ्तारी को लेकर देश की राजनीति गरम हो चली है। कांग्रेस समेत वामदल के साथ सभी पार्टियां एकजुट हो गयी हैं। सभी विपक्षी पार्टियों ने जेएनयू छात्र संगठन अध्यक्ष कन्हैया की रिहाई की मांग उठाई है। मामले को लेकर देश की राजनीति में विपक्षी दलों की एकजुटता भी नजर आई। वहीं भाजपा जहां पहले देशविरोधी मुद्दों को लेकर कार्रवाई में जुटी थी, बैक फुट पर जाती दिखी। कन्हैया की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपना पहले ही कैंपस में जाकर विरोध जता चुके हैं। सीपीआई के महासचिव सीताराम येचुरी मामले को लेकर गृहमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं, उन्होंने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मामले में सभी पक्षों को देखकर कार्रवाई की जाने की बात कही। वहीं गृहमंत्री ने भी किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की बात कही। जेएनयू छात्र संगठन के अध्यक्ष की गिरफ्तारी के मामले पर जदयू ने भी अपना विरोध जताया। इस तरह से देश के सभी विपक्षी दल मामले को लेकर अपना विरोध जता चुके हैं।
जेएनयू के छात्र संगठन के अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी से उपजा असंतोष दूसरे विश्वविद्यालयों को भी अपने चपेटे में लेना शुरू कर दिया है। जेएनयू के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय(एएमयू) में भी कन्हैया की गिरफ्तार पर विरोध जताया गया। इसमें छात्रों ने कन्हैया की रिहाई की मांग की। इन छात्रों का कहना है कि राजनेता हमें देशभक्ति का पाठ मत पढ़ाए तो बेहतर रहेगा।
गौरतलब है कि कन्हैया कि गिरफ्तारी जेएनयू में आंतकी अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित करने और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने को लेकर की गई है। मामले को राष्टï्रदोही गतिविधि करार दिया गया है। जेएनयू स्टूडेंट्स के समर्थन में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि राष्टï्रपिता महात्मा गांधी और रोहित वेमुला के हत्यारे, हमें देशभक्ति ना सिखाओ। जेएनयू मामले में राष्टï्रपिता को ज्ञापन प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में राष्टï्रपति को ज्ञापन भेजा है।
इसमें मांग की गई है कि भारत के यूनिवर्सिटी में समस्या पैदा करने में राष्टï्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध संगठनों की भूमिका की जांच हो। एएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे जेएनयू समुदाय के साथ हैं।
बीते दिन डीयू के पूर्व प्रोफेसर और संसद पर आतंकी हमले के आरोपी रहे एसएआर गिलानी को भी गिरफ्तार किया गया। उन पर भी अफजल गुरु के समर्थन में कार्यक्रम कराने और भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप है। उनपर देशद्रोह का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने उन्हें दो दिन की कस्टडी पर भेजा है।

लखनऊ में पत्रकार भी करेंगे अपने ऊपर हमले का विरोध
पटियाला कोर्ट में पत्रकारों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार व हमले के विरोध में उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा आज शाम 4 बजे हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर विरोध दर्ज कराया जायेगा। इसके साथ ही यहां यह मांग भी की जायेगी कि उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो जो पुलिस की मौजूदगी में भी बेखौफ पत्रकारों पर हमला कर रहे थे। गौरतलब है कि जूएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ दर्ज देशद्रोह के एक मामले में सुनवाई से पहले वकीलों के एक समूह ने पत्रकारों, जेएनयू छात्रों और शिक्षकों की जमकर पिटाई की थी। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। हमले के दौरान बीजेपी के विधायक ओपी शर्मा भी एक सीपीआई कार्यकर्ता को पीटते देखे गये थे।

कन्हैया ने नहीं, उमर खालिद ने लगाए थे देशविरोधी नारे
जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को देशविरोधी नारे लगाने के समर्थन में हिरासत में लिया। पर मामले को लेकर दिल्ली पुलिस की दायर एफआईआर में कहा गया है कि इस विवादित कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारे लगाने की अगुवाई उमर खालिद ने किया। उमर का संबंध डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स यूनियन(डीएयू) के एक धड़े से हैं। सरकार के मुताबिक डीएसयू सीपीआई (माओवादी) का संगठन है। एफआईआर में कहा गया कि कन्हैया भी उमर के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल थे। इसी में आगे बताया गया है कि देश विरोधी नारे लगाने का नेतृत्व उमर कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की इस एफआईआर में कार्यक्रम से जुड़े एक पोस्टर का भी हवाला है। जिसमें डीएसयू से जुड़े हुए अनीरबन, अंजलि अन्वेश, भावना कोमल, रजाय, रुबीना और समा नाम के छात्रों ने परिसर के अन्य छात्रों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। इस पोस्टर में लिखा गया है कि कश्मीर पर कब्जे के खिलाफ और कश्मीरी लोगों के संघर्ष के समर्थन में हम सभी से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते है।

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