जीत से उत्साहित बसपा सुप्रीमो ने बुलायी बैठक

जिला और मंडल संयोजकों को बुलाया गया है कल आयोजित बैठक में
जिला पंचायत चुनाव में बसपा को मिली है भारी संख्या में जीत

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के चुनावी नतीजों में बसपा समर्थित प्रत्याशियों को भारी संख्या में मिली जीत से बसपा सुप्रीमो मायावती काफी उत्साहित हैं। नतीजे आने के बाद से बसपा ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बसपा के पक्ष में आए नतीजों को देखकर इस चुनाव में बसपा को नगण्य मान रहीं अन्य राजनीतिक पार्टियों के होश उड़ गए है। इस सिलसिले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कल एक बैठक बुलायी है जिसमें जिला और मंडल संयोजकों को बुलाया गया है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली हार और लोकसभा चुनाव में मिली करारी पराजय के बाद से बसपा का राष्टï्रीय पार्टी का दर्जा तक खतरे में पड़ गया था। कई राज्यों में हुए चुनावों में भी बसपा कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पायी थी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद से मायावती लगातार दिल्ली में ही रह रही थीं। जब पंचायत चुनाव का बिगुल बजा तब से मायावती का प्रदेश में दखल बढ़ा था। इधर कुछ महीनों में कई बार बैठक कर अपने कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर काम करने का लगातार निर्देश देती रहीं। कार्यकर्ता भी जमीनी स्तर पर काम करते रहे और उसका नतीजा पंचायत चुनाव में दिखा। आमतौर से पंचायत चुनाव से दूर रहने वाली बसपा ने इस बार के चुनाव में खासी दिलचस्पी ली। बसपा भी इस चुनाव के माध्यम से अपनी खोई जमीन तलाश रही थी। यह बात सभी राजनीतिक पार्टियां जानती हैं कि उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पंचायत चुनाव महती भूमिका निभाएंगे। इसी के मद्देनजर सभी दलों ने इस चुनाव में खासी मेहनत की। बसपा भी बिना शोर-शराबे के कई महीनों पहले चुनावी तैयारी में जुट गई थी। मायावती और बसपा कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लायी और भारी संख्या में बसपा समर्थित प्रत्याशियों को जीत मिली। बसपा की जीत से भाजपा और सपा के होश उड़े हैं। पंचायत चुनाव से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक में सपा और भाजपा के बीच लड़ाई मानी जा रही थी। कांग्रेस तो कहीं से लड़ाई में थी ही नहीं। बसपा से भी भाजपा और सपा को कोई खास डर नहीं था, लेकिन चुनावी नतीजों ने सपा, भाजपा सहित कांग्रेस के दिग्गजों के साथ ही राजनीतिक पंडितों के माथे पर भी बल ला दिए हैं। अब उन्हें डर सताने लगा है कि मतदाताओं का बसपा की ओर रूझान बढ़ा है और अगर जनता का बसपा के प्रति यही विश्वास 2017 तक कायम रहा तो सत्तारूढ़ दल सहित भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सत्ता पर कायम होने का सपना पूरा होना बहुत मुश्किल होगा। पंचायत चुनाव के परिणाम आने के बाद से बसपा कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है। बसपा पार्टी का दावा है कि उसे पंचायत चुनावों में 630 सीटों पर जीत मिली है जबकि बीजेपी 535 उम्मीदवारों के जीत का दावा कर रही है। दूसरी तरफ सपा ने अभी कोई भी आंकड़ा नहीं दिया है।
2017 के विधान सभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को एक आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी जिला और मंडलों के संयोजकों को बुलाया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विधायक और सांसद भी शामिल होंगे। हालांकि बैठक का एजेंडा गोपनीय रखा गया है, लेकिन पार्टी सूत्रों की मानें तो मीटिंग का मुद्दा 2017 के चुनाव से पहले रणनीति बनाना है। बसपा के एक सीनियर नेता ने कहा कि बैठक में मायावती पार्टी नेताओं को 2017 के विधान सभा चुनावों से पहले की रणनीति के बारे में बतायेंगी। इसके साथ-साथ वह पंचायत चुनावों में मिली जीत को अपनी वापसी के रूप में भी प्रदर्शित करेंगी।

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