जीते प्रत्याशियों की निकलेगी लाखों की लॉटरी

जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए गणित बिठाने में लगे नेता

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लखनऊ। भले ही उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव खत्म हो गये हो लेकिन जीते हुए प्रत्याशियों की लॉॅटरी निकलने वाली है। वजह है जीते हुए प्रत्याशियों को अपनी तरफ करने के लिए खींचतान शुरू हो गई है। ऐसे मामले की भनक क्राइम ब्रांच और एलआईयू को लगी तो वह अपनी निगाह उन पर गडाये हुए है। लेकिन सत्तारूढ़ दल के चहेतों पर कार्रवाई करने वाली बात बेमानी साबित हो रही है। अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए एक प्रभावशाली उम्मीदवार ने कई जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले लेने की तैयारी में जुटा हुआ है। यही नहीं सूत्रों की मानें तो वह काठमांडू तक की सैर कराने की फिराक में लगा हुआ है। इसके अलावा विदेश का सफर और लग्जरी गाडिय़ों का ख्वाब दिखाने से बाज नहीं आ रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रथम चरण में जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिये अंतिम चरण का चुनाव 29 अक्टूबर को हुआ था। चुनाव खत्म होने के बाद से ही चुनावी जोड़-तोड़ शुरू हो गई थी। जिला पंचायत सदस्यों की जीत के बाद इनमें एक जिला पंचायत अध्यक्ष चुना जाना है। अध्यक्ष का चुनाव नवम्बर में संभावित है। सूत्र बताते हैं कि एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी के एक अध्यक्ष अपनी पत्नी को मैदान में उतारने के बाद वह खुद ताल ठोकर मैदान में हैं और इन्हें पार्टी का समर्थन प्राप्त है। हालांकि ये पति-पत्नी दोनों को चुनाव में जीत मिल गई हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में कौन-कौन अध्यक्ष पद की रेस में आगे आएगा।
उपहार, लग्जरी गाडिय़ां और वीआईपी सुविधाएं दिये जाने की तैयारी
सूत्रों की मानें तो मौजूदा वक्त एक जिला पंचायत सदस्य की कीमत एक करोड़ रुपये, तो बीडीसी सदस्य की कीमत 25 से 30 लाख रुपये है। यही नहीं सदस्यों को उपहार में देने के लिए लग्जरी गाडियोंं की भी व्यवस्था की जा रही है। यह खेल राजधानी लखनऊ सहित सूबे के हर जनपद में चल रहा है। जीतने वाले प्रत्याशियों के लिए सारी वीआईपी सुख सुविधाएं भी मुहैया कराए जाने का मामला चल रहा है। इसके अलावा उनका पूरा खर्च उठाने की चर्चा भी चल रही है।

करोड़ तक लग सकती है कीमत

जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी प्रत्याशियों के हर जनपद में रेट अलग-अलग हैं, जिसमें राजधानी में प्रत्याशियों की कीमत सबसे ज्यादा होने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक काकोरी में जिला पंचायत सदस्य का रेट एक करोड़ रुपये तो बीडीसी का 30 लाख रुपये है। मोहनलालगंज में जिला पंचायत सदस्य का रेट लगभग 90 लाख रुपये तो बीडीसी सदस्य का 25 लाख रुपये है। गोसाईगंज में जिला पंचायत सदस्य का रेट एक करोड़ रुपये तो बीडीसी का 35 से 40 लाख रुपये हैं। बख्शी का तालाब में जिला पंचायत सदस्य का रेट 80 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तो बीडीसी के लिए 25 से 30 लाख रुपये है। सरोजनीनगर में जिला पंचायत सदस्य का रेट 40 लाख रुपये से 80 लाख रुपये तक। वहीं बीडीसी सदस्य का रेट 20 से 25 लाख रुपये है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में जिला पंचायत सदस्यों का रेट 80 लाख रुपए से लेकर 40 लाख रुपए तथा बीडीसी सदस्य का 20 से 35 लाख के बीच में हैं।

क्राइम ब्रांच और एलआईयू ने गड़ा रखी है निगाह

सूत्रों की मानें तो प्रभावशाली उम्मीदवार अपने पक्ष में मतदान कराने के लिए जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले लेने की तैयारी में जुट गए हैं। यही नहीं वह सदस्यों को काठमांडू, सिंगापुर, गोवा, पुणे, शिमला समेत कई स्थानों पर प्लेन द्वारा पहुंचाने और ऐश कराने की फिराक में है, ताकि जहां से कुर्सी हासिल करने की बिसात बिछाने की तैयारी की जा सकी है। अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोकने वाले प्रत्याशी जीते हुए उम्मीदवारों के हर ख्वाहिश पूरी करने की तैयारी में है। वहीं, क्राइम ब्रांच और एलआईयू अपनी पैनी नजर गड़ाए हुए है।

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