‘जीका’ के प्रति स्वास्थ्य विभाग सतर्क

दुनिया के 22 देशों में फैल चुका है यह वायरस

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। दुनिया इबोला नाम की एक आफत से अभी निपटी भी नहीं है कि मेडिकल जगत के सामने एक और महामारी का खतरा छा गया है। अब जीका वायरस दुनियाभर के डॉक्टरों और स्वास्थ्य से जुड़े वैज्ञानिकों के सामने नई चुनौती बनकर उभर गया है।
दुनिया के कम से कम 22 देशों में यह वायरस फैल चुका है और लैटिन अमेरिकी देश इसकी सबसे ज्यादा चपेट में हैं। इसके साथ ही इस वायरस का खतरा भारत में भी मंडरा रहा है। जीका वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अलर्ट जारी किया है। दुनिया भर में यह वायरस तेजी से फैल रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की तरफ से राजधानी में अलर्ट जारी हो गया है। यह वायरस सर्वाधिक गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है। इससे बच्चों के सिर का आकार छोटा रह जाता है। साथ ही मस्तिष्क भी पूर्ण विकसित नहीं होता। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जीका वायरस एडीज एजिप्टी मच्छरों से फैलता है। इस लाइलाज जीका वायरस से पीडि़त गर्भवती महिलाएं ऐसे शिशुओं को जन्म देती हैं जिनका मस्तिष्क पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता। ब्राजील में पिछले कुछ समय से छोटे सिर के साथ पैदा होने वाले बच्चों के मामले बढ़े हैं। डब्ल्यूएचओ के अलर्ट के बाद संवेदनशील देशों में बाहर से आने वाले यात्रियों को लेकर निगरानी करनी शुरू की गयी है।

वरिष्ठï अधिकारियों के आदेश के बाद जारी होगा अलर्ट
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसएनएस यादव ने बताया कि जब वरिष्ठ अधिकारियों का आदेश आएगा तो अलर्ट के निर्देश जारी किये जाएंगे। अभी तक प्रदेश में जीका वायरस का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। लेकिन हम लोग सतर्क हैं। स्वास्थ्य विभाग जीका वायरस पर लगातार नजर बनाये हैं।

Pin It