जीआरपी सोती रही और हो गई राप्ती सागर एक्सप्रेस में डकैती

  • रेलवे के यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, कहीं उखाड़ी जा रही हैं पटरियां तो कहीं हो रही है लूट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। ट्रेनों में लूट और डकैती की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सिकंदराबाद से गोरखपुर जा रही राप्ती सागर एक्सप्रेस (12512) में बदमाशों ने यात्रियों से जमकर लूटपाट की। इस दौरान अपनी जान बचाने के लिए यात्रियों ने चीख पुकार भी मचाई लेकिन जीआरपी के जवान सोते रहे। उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगी। आखिरकार लुटेरे घटना को अंजाम देने के बाद फरार होने में कामयाब रहे।
डीएसपी रेलवे राम कृष्ण मिश्रा के मुताबिक आज सुबह 8:30 से 9:00 बजे के करीब झांसी रेंज से लालपुर-पनकी स्टेशन के पास तीन लुटेरों ने राप्ती सागरएक्सप्रेस के कोच एस 10 में यात्रियों के साथ लूट-पाट की। बदमाशों ने तमंचे की नोक पर ट्रेन में यात्रा कर रहे सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल दिलबाग और जालौन निवासी दिलीप कुमार को दबोच लिया। इन दोनों यात्रियों का बैग और नकदी छीन ली और धमकी देते हुए ट्रेन से फरार हो गए। इस घटना के संबंध में दोनों पीडि़तों की तरफ से जीआरपी थाने ेमं प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। लेकिन मामला झांसी रेंज का है। इसलिए जीआरपी झांसी को लूट का मामला ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसमें दिलीप कुमार के बैग में रखा 10 हजार रुपये, तीन जोड़ी कपड़े और एटीएम समेत कुछ अन्य सामान ले गये। वहीं दिलबाग के बैग में रखा 9 हजार रुपया, चार जोड़ी कपड़े, एटीएम कार्ड और अन्य सामान लूट ले गये। यात्रियों ने बचाव के लिए चीख-पुकार भी मचाई लेकिन जीआरपी और आरपीएफ के जवान  सोते ही रहे।
गौरतलब है कि ट्रेन में तीन-चार अपराधी पहले से ही सवार थे। उन्होंने लालपुर-पनकी स्टेशन के बीच अचानक ही असलहे और तमंचे की नोक पर यात्रियों को कब्जे में ले लिया। सीआरपीएफ के जवान दिलबाग ने पहले तो बदमाशों से भिडऩे का प्रयास किया लेकिन उनके हाथ में असलहा देखकर पीछे हट गये। आखिरकार बदमाश दोनों यात्रियों का बैग लेकर फरार हो गये। इससे पूर्व भी राप्ती सागर एक्सप्रेस में लूट और चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
29 मई को उन्नाव में इसरार नामक युवक पकड़ा गया था, जिसके पास से तीन मोबाइल और कुछ नकदी बरामद हुआ। पकड़ा गया युवक ट्रेन में चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। इसलिए ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी और आरपीएफ की लचर प्रणाली के कारण लोग बार-बार बदमाशों का शिकार बन रहे हैं।

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