जिसे दी गई थी महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी वही हो गया छिछोरा

ऑफिस के बाहर लड़कियों को मिलने को बुलाते हैं कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह, डीजी सुतापा सान्याल ने दिए जांच के आदेश

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर 1090 वूमेन पॉवर लाइन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सबसे बड़ी योजना है। इसकी तारीफ देश ही नहीं विदेशों में भी होती है, लेकिन इस हेल्प लाइन के प्रभारी कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह पर ही एक छात्रा ने डोरे डालने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत महिला सम्मान प्रकोष्ठ से की गई है। डीजी सुतापा सान्याल ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शोहदे की हरकत से परेशान छात्रा को जब कहीं मदद नहीं मिली तो वह कार्रवाई की उम्मीद लेकर वूमन पावर लाइन पहुंची थी। यहां उसे कोई मदद तो नहीं मिली उल्टे 1090 के प्रभारी ही छात्रा के पीछे पड़ गए। प्रभारी कुंवर राघवेन्द्र प्रताप सिंह व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर उस पर डोरे डालने लगे। उन्होंने व्हाट्स एप पर लगी छात्रा की फोटो की तारीफ की। केस के सिलसिले में बातचीत के लिए उसे ऑफिस के बाहर मिलने को कहा। इससे असहज छात्रा ने 1090 प्रभारी से बातचीत बंद कर दी। बुधवार को छात्रा ने महिला सम्मान प्रकोष्ठ की डीजी सुतापा सान्याल से मिलकर इसकी शिकायत की। बलिया निवासी छात्रा लखनऊ के एक विश्वविद्यालय में एलएलबी थर्ड सेमेस्टर में पढ़ती है।

क्या है पूरा मामला
1090 में कार्रवाई के लिए पहुंची छात्रा से अश्लील बातें करने के मामले में उसने बताया कि वह कपूरथला में एक बुटीक में कपड़े सिलवाने जाती थी। बुटीक संचालिका अजरा से उसकी दोस्ती हो गई। छात्रा के मुताबिक, जुलाई 2015 में उसे अपने ब्वॉयफेंडकुंवर अभिषेक राजवीर प्रताप सिंह से मिलवाया। इसके बाद तो अभिषेक छात्रा के पीछे पड़ गया। वह बार-बार फोन करता और मिलने के लिए दबाव बनाता। छात्रा ने बताया कि 26 अगस्त 2015 को वह ट्रेन से बलिया जा रही थी। अभिषेक ने भी उसी में रिजर्वेशन करा लिया और ट्रेन में छेड़छाड़ की। 5 सितम्बर को उसकी रेलवे भर्ती बोर्ड की प्रवेश परीक्षा थी। वह कुर्सी रोड स्थित परीक्षा केन्द्र जा रही थी। पीछा कर रहे अभिषेक ने उसे रास्ते में रोक लिया और कार में खींचने की कोशिश की। इसके बाद छात्रा से मारपीट भी की गई, इसमें एक लडक़ी अजरा और अभिषेक सिंह मुख्य आरोपी है। इसकी शिकायत महानगर थाने में दर्ज है। छात्रा ने राघवेंद्र से कहा, सर ऑफिस में ही मिलते हैं। इस पर राघवेन्द्र का तर्क था कि ऑफिस में बड़ी भीड़ रहती है। इससे आहत छात्रा ने महिला सम्मान प्रकोष्ठ की डीजी सुतापा सान्याल से मिलकर शिकायत की है। उसने आरोप से संबंधित दस्तावेज व साक्ष्य भी पेश किए हैं।

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