जिलाधिकारी के सख्त तेवर से कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों में हडक़ंप

  • 87 कर्मचारियों का वेतन काटे जाने के बाद समय से पहुंचने लगे कर्मचारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
6लखनऊ। जिलाधिकारी सत्येन्द्र सिंह के कड़े तेवर देखकर कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों में हडक़ंप मच गया है। कार्यालय में देर से पहुंचे कर्मचारियों का वेतन काटने और विलंब से आने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दहशत लोगों में देखने को मिल रही है। आज सुबह कलेक्ट्रेट में अधिकांश कर्मचारी तय समय से पहले ही पहुंच गये। कार्यालयों में अटेंडेंस रजिस्टर भी अपडेट मिला।
डीएम ने गुरुवार सुबह कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया तो 87 कर्मचारी नदारद मिले। उन्होंने सभी रजिस्टर जब्त करवा लिए और नदारद कर्मचारियों के वेतन काटने के निर्देश दिए। इस बीच पहुंचे कई कर्मचारियों ने मेट्रो प्रॉजेक्ट के कारण लग रहे जाम को देरी की वजह बताई तो डीएम ने कहा कि मेट्रो का काम दो साल चलना है। इसका मतलब यह नहीं कि दो साल तक देर से आएंगे। उन्होंने कहा, जब पता है कि जाम लग रहा है तो घर से जल्दी निकलो। दरअसल सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में सन्नाटा देखकर डीएम भौचक रह गये। उन्होंने अपने कार्यालय में जाने के बजाय अनुभागों की तरफ रुख किया और एक-एक कमरे का निरीक्षण करने लगे। सबसे पहले सिटी मैजिस्ट्रेट राजेश सिंह के कमरे में गए। उन्होंने सिटी मैजिस्ट्रेट के साथ पूरे कलेक्ट्रेट का राउंड लिया। डीएम जिस कमरे में गए, वहां एक या दो कर्मचारी ही मिले। कई कमरे तो पूरी तरह खाली रहे। डीएम ने सिटी मैजिस्ट्रेट से कर्मचारियों का अटेंडेंस रजिस्टर चेक करने को कहा। जिन अधिकारियों के हस्ताक्षर रजिस्टर में नहीं थे, उनकी अब्सेंट लगा दी गई। सिटी मैजिस्ट्रेट से सभी अनुभागों के अटेंडेंस रजिस्टर जब्त करवा लिए। इस दौरान कुल 87 कर्मचारी अनुपस्थिति मिले। इन सभी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया। इसलिए कर्मचारियों में डीएम के सख्त तेवरों को लेकर काफी दहशत देखने को मिल रही है।

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