जान पर खेलकर मैनहोल की सफाई करते हैं कर्मचारी

  • किट के अभाव में नाले में सफाई करते समय एक कर्मचारी की मौत
  • इंदिरानगर सी ब्लाक में जहरीली गैस के रिसाव से मजदूर की मौत

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम में संसाधनों का टोटा है। यहां के सफाई कर्मचारी बिना सेफ्टी किट के अपनी जान पर खेलकर मैनहोल और नालों की सफाई करते हैं, जो सफाई कर्मियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इस बात को नगर निगम के अधिकारी भी बखूबी जानते हैं लेकिन उनकी तंद्रा बड़ी घटना या किसी कर्मचारी की मौत होने के बाद ही टूटती है। इसी वजह से इंदिरानगर सी ब्लाक में मैनहोल के अंदर जहरीली गैस का रिसाव होने से मजदूर की मौत होते ही सारा अमला संसाधनों का रोना रोता नजर आया। इसके साथ ही पीडि़त परिवार को मुआवजा दिलाने और तमाम अन्य प्रलोभनों के माध्यम से चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मैनहोल का जिक्र आते ही इंसान के दिमाग में भयंकर बदबू, खतरनाक गैस, नाले में नीचे इकट्ठा प्लास्टिक, कांच और अन्य चीजों के टुकड़े भरे पड़े होने का दृश्य कौंध जाता है। खुले मैनहोल और नाले के पास से गुजरते समय इंसान मुंह पर रूमाल जरुरत रखता है। जबकि नगरीय क्षेत्र के नालों और मैनहोल की सफाई करने वाले नगर निगम के सफाई कर्मचारी बिना किसी सेफ्टी किट के काम करने को मजबूर हैं। इन्दिरा नगर सी ब्लाक स्थित इरम गल्र्स कॉलेज के पास सोमवार को मैनहोल के अंदर घुसकर नाले की सफाई कर रहे मजदूर की मौत हो गई। उसकी मौत का कारण मैनहोल के अंदर जहरीली गैस का रिसाव होना और सफाई कर्मी के पास आक्सीजन माक्स समेत अन्य सेफ्टी उपकरण न होना बताया जा रहा है। मैनहोल के अंदर अंकित और शिवा दो लोग घुसकर सफाई कर रहे थे। जब गैस के रिसाब की वजह से दोनों युवकों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो उन्होंने मैनहोल से बाहर निकलने का प्रयास किया। लेकिन तब तक दोनों की हालत बिगड़ चुकी थी। आनन-फानन में दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डाक्टरों ने अंकित को मृत घोषित कर दिया।
नियमों को ताक पर रखककर हो रहा काम
नगर निगम में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नियमों का भी कोई खास मायने नहीं है। शायद इसी वजह से नगर निगम के किसी भी अधिकारी ने अपने पिता की जगह नाले की सफाई करने पहुंचे अंकित को काम करने से नहीं रोका। उसको नाले की सफाई में लगे दो अन्य कर्मचारियों के साथ काम करने दिया गया। दरअसल पिता की तबीयत खराब होने की वजह से अंकित पिछले कई महीनों से उनकी जगह काम कर रहा था। अधिकारियों ने भी उसको नियम के खिलाफ काम करने को लेकर कभी टोका-टाकी नहीं की। यह मामला क्षेत्रीय जेई अमरनाथ सिंह यादव के संज्ञान में भी था लेकिन उन्होंने भी मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई नहीं की। जबकि घटना के बाद जेई अमरनाथ सिंह ने बयान दिया कि मुख्यालय में सेफ्टी किट रखी हुई है। सफाई कर्मियों को किट एलाट करवाकर काम करना चाहिए था। फिलहाल घटना की जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। गौरतलब है कि मैनहोल और गहरे नाले की सफाई के दौरान मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना सफाई कर्मियों की मौत होने की यह पहली घटना नहीं है। ऐसे हादसे सफाई कर्मियों के साथ अक्सर होते रहते हैं। इन समस्याओं के प्रति नगर विकास मंत्री और उनके महकमे को संवेदनशील होने की जरूरत है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो स्वच्छ भारत और लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने का सपने पूरा करने में निगम को
मजदूरों का सपोर्ट नहीं मिल पायेगा। जो सबसे नुकसानदायक साबित होगा।

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