फर्जी राज्यमंत्री की असली गुंडागर्दी

जानते नहीं, मेरा नाम इकबाल है…

  • महिला आईएएस और इकबाल के रिश्ते बने पूरी नौकरशाही में चर्चा का विषय
  • आईएएस अफसरों में गुस्सा

 संजय शर्मा
13 JUNE PAGE-1लखनऊ। इसे सत्ता की हनक कहेंगे या फिर गुंडागर्दी का नमूना। लखनऊ फैजाबाद रोड पर सफारी में सवार गुंडे टोल प्लाजा पर पैसे मांगने पर आग बबूला हो जाते हैं। टोल प्लाजा पर मौजूद कर्मियों को पीटते हैं। फायरिंग करते हैं। इस दौरान सफारी के बोनट पर पैर रखकर एक नौजवान खुलेआम कहता है कि दोबारा टैक्स मांगा तो यहीं लाशें बिछ जायेंगी। जानते नहीं मेरा नाम इकबाल है और मैं राज्यमंत्री हूं। इस गुंडागर्दी के बाद हंगामा होने पर पुलिस ने टोल प्लाजा की सीसीटीवी की फुटेज निकालने के बाद इकबाल के गनर व ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया, मगर पुलिस खुद को फर्जी तरीके से राज्यमंत्री बताने वाले इकबाल पर हाथ डालने से कतरा रही है।
लखनऊ की फिजाओं में इकबाल की गुंडागर्दी की कई गाथाएं सुनी जा सकती हैं। बाराबंकी की घटना तो एक छोटा सा उदाहरण है। बाराबंकी से मिली जानकारी के अनुसार अहमदपुर टोल प्लाजा पर इकबाल सिर्फ इसलिए बौखला गया था कि टोल प्लाजा पर उसकी गाड़ी में लगी लालबत्ती को देखने के बावजूद उससे टैक्स मांगने की गुस्ताखी कर दी थी। इकबाल इससे बौखला गया था। उसने अपने हथियार बंद लोगों से टोल टैक्स कर्मियों को पीटने को कहा। कई गाडिय़ों में सवार इकबाल के गुंड़ों ने कई टोल कर्मियों की जमकर पिटाई कर डाली।
इस घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबन्धक नीरज कुमार सिंह की तहरीर पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। था। टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज में सफारी गाड़ी एचआर-26, बीएच-7070 दिखाई दे गयी। इसके बाद इस गाड़ी के मालिक की तलाश शुरू हुई तब पता चला यह गाड़ी इकबाल की है और उसने ही अपने साथियों के साथ यह गुंडागर्दी की थी। बाराबंकी पुलिस ने इस घटना के बाद दबिश देकर इकबाल के साथी रिजवान और जोगिन्दर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कहा कि घटना के दिन इकबाल के साथ मुहम्मद आबिद आबदी, समर बहादुर सिंह आदि थे। सूत्रों का कहना है कि बाराबंकी पुलिस ने इकबाल को भी हिरासत में ले लिया है, मगर उससे लेन-देन की बात की जा रही है।

एक महिला आईएएस से संबंधों को लेकर विवादों में आया इकबाल

इकबाल ने अपने मायाजाल में एक महिला आईएएस को भी फंसा रखा हैं। आजकल यह महिला एक जिले में बतौर डीएम तैनात है। इकबाल से संबंधों को लेकर इस महिला की पूरे प्रदेश में खासी बदनामी हुई। इकबाल ने भी इस महिला के चरित्र हनन को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रदेश के कई बड़े आईएएस अफसर इकबाल को लेकर बेहद नाराज हंै। अपना नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठï आईएएस ने कहा कि जो नेता महिलाओं को लेकर पहले ही बदनाम है उससे न जाने क्यों यह महिला आईएएस अपने संबंध बना बैठी। इन संबंधों ने पूरी आईएएस बिरादरी को शर्मिंदा कर दिया है। इकबाल खुले आम कहता है कि उसने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से कहकर कई जिलों में पोस्टिंग कराई है।

इकबाल को वेव सिनेमा से गोमती नगर थाने तक पीटती ले गयी थी पुलिस

मुंबई में बम धमाकों के बाद पुलिस
चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान इकबाल एक दर्जन हथियार बंद लोगों के साथ वेब माल में बैठा था। जब पुलिस ने उसके हथियार चेक करने चाहे तब उसने कहा अभी नकुल दूबे भैया से बात कराता हूं। तब इकबाल बसपा मंत्री नकुल का चेला था। जब पुलिस अफसर ने बात करने से मना किया तो इकबाल
इस अफसर से भिड़ गया। इसके बाद पुलिस ने सार्वजनिक रूप से इकबाल को वेब माल में ही पीटा। बाद में 26 जुलाई 2008 को अवैध शस्त्र रखने के आरोप में जेल भेज दिया गया, जहां उसकी कई दिनों बाद जमानत हुई।

सपा मुखिया को भी करता है बदनाम

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इकबाल को जरा भी पसंद नहीं करते हैं। सरकार बनने के बाद इसने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का दामन थामा और राज्यमंत्री का दर्जा हासिल कर लिया। मगर जब इसके कालेज में प्रिया हत्याकांड का मामला उछला तब इसे राज्यमंत्री के दर्जे से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने भी इससे किनारा कर लिया। मगर इकबाल हर जगह अभी भी सपा मुखिया का नाम लेकर बदनाम करने में जुटा रहता है।

नियमों को ताक पर रखकर अस्पताल में पाल रहा है प्रतिबन्धित पक्षी

एमू एक सेंसेटिव पक्षी है। शुतुरमुर्ग की तरह पंख होने के बावजूद यह उड़ नहीं सकता। वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट कौशलेन्द्र सिंह कहते हैं कि इस पक्षी को अस्पताल जैसे जगह पर नहीं रखा जा सकता है, क्योंकि यह बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों को न्यौता दे सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था इस प्रकार कोई कृत्य करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, मगर इकबाल तो कानून को अपने जूते की नोक पर रखता है। उसके कैरियर मेडिकल अस्पताल में एक दर्जन से ज्यादा एमू खुले आम घूम रहे हैं।

बाराबंकी पुलिस 1 करोड़ में निपटा रही है मामला

बाराबंकी के पुलिस कप्तान अब्दुल हमीद पैसों को लेकर खासे बदनाम रहे हैं। आज भी उन्होंने यह बात साबित कर दिया। बताया जाता है कि बाराबंकी पुलिस ने रात को ही इकबाल को उसके पीआरओ और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया था, मगर इकबाल की अभी तक गिरफ्तारी नहीं दिखाई और पुलिस उसे छोडऩे तथा मामले को रफा दफा करने के एवज में एक करोड़ की धनराशि मांग रही है। इस सम्बन्ध में सुबह से बारह बजे तक एसपी को कई फोन किये गये मगर उन्होंनेफोन नहीं उठाया।
एटा में हुए सडक़ हादसे में 14 मरे 25 घायल
एटा। एक बार फिर सडक़ हादसे में 14 लोगों की जिंदगी एक झटके में खत्म हो गई। हादसा एटा के थाना मलावन के गांव हरचदपुर में दोपहर ट्रैक्टर और ट्रक में हुई जबरदस्त भिड़त के रूप में सामने आया। इस भयंकर हादसे में 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 25 लोग गंभीर रूप से घायल है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जोरदार आवाज के साथ हुये इस हादसे में अभी कई और लोगों की जिंदगियां दांव पर लगी हैं। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हादसे के फौरन बाद शासन-प्रशासन हरकत में आया। एक ओर प्रशासन ने मामले की नजाकत को देखते हुये घायलों के उचित इलाज की व्यवस्था कराई वहीं मुख्यमत्री अखिलेश यादव ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने खुद फोन करके जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि घटना में घायल सभी लोगों का अच्छे से अच्छा इलाज कराया जाये। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सडक़ हादसों में लगातार वृद्धि हो रही है। और लोग मर रहे हैं।

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