जांच में दोषी चिकित्सकों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई

केजीएमयू में दो चिकित्सकों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज के मामले में दस साल से चल रही थी जांच

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति के मामले में डॉ. ओपी. सिंह और डॉ. नईम अहमद के खिलाफ चल रही जांच का नतीजा आ गया है। कमेटी ने कार्यपरिषद को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। मामले की जांच करने वाली टीम के प्रमुख कुलपति व अन्य चार सहयोगियों की फाइनल रिपोर्ट में दोनों चिकित्सकों को दोषी बताया गया है। इसलिए माना जा रहा है कि दोनों डॉक्टरों की बर्खास्तगी भी हो सकती है लेकिन अभी दोनों डॉक्टरों की तरफ से स्पष्टीकरण मिलने का इंतजार किया जा रहा है, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जायेगा।
राजधानी में केजीएमयू आये दिन अपने कारनामों की वजह से चर्चा में बना रहता है। यहां के चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों के कारनामों की वजह से केजीएमयू की छवि भी कई बार धूमिल हो चुकी है। इसी कड़ी में दो चिकित्सकों पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति का मामला सामने आया था, जिसे गंभीरता से लेकर करीब 10 साल पहले दोनों चिकित्सकों की नियुक्ति से संबंधित मामले की जांच शुरु की गई थी। उसकी रिपोर्ट आ गई है। केजीएमयू में चार वीसी बदल चुके हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट अब आई है।
फिलहाल मंगलवार को केजीएमयू कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक के दौरान दोनों चिकित्सकों के खिलाफ चल रही जांच का मामला उठाया गया। तो कार्यपरिषद ने डॉ.ओपी.सिंह और डॉ.नईम अहमद के प्रकरण में जांच रिपोर्ट चिकित्सकों को सौंप दी और सभी प्रमुख बिन्दुओं पर उनका स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं कमेटी की जांच के बाद स्पष्टïीकरण मांगे जाने का कार्यपरिषद के कुछ सदस्यों ने विरोध भी किया है। इसलिए चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं, इसको लेकर पशोपेश की स्थिति बनी हुई है।

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