जहां बिजली नहीं होगी वहां लगेंगे सोलर संयंत्र

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अखिलेश सरकार बनने के बाद से बिजली के मोर्चे पर सरकार की खूब किरकिरी हुयी। इसको ध्यान में रखते हुए श्री यादव ने सोलर संयंत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया और अब यह तय किया गया है कि ऐसे सार्वजनिक स्थलों, जहां बिजली की उपलब्धता न हो अथवा अनियमित हो, वहां सोलर संयंत्र लगाये जाएंगे। यूपीनेडा द्वारा इस परियोजना का क्रियान्यवन छह माह में कराया जायेगा।
इस सिलसिले में शासन नेे तय किया कि जहां शाम से देर रात तक जनसामान्य का आवागमन रहता है, ऐसे स्थलों जैसे-बस स्टैण्ड, छोटे-छोटे हाट, मेला स्थल, मुख्य मार्ग, चैराहा, पशु बाजार, पेयजल स्रोत, पंचायत घर, प्राथमिक स्वास्थ्य, ए.एन.एम. केन्द्र आदि पर सोलर हाई मास्ट लाइटिंग की स्थापना कराया जाये। दरअसल, सार्वजनिक पथ-प्रकाश जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सोलर हाई मास्ट एक अतिउपयोगी संयंत्र है। रात के समय इस संयंत्र से लगभग 25 से 30 मीटर के दायरे में प्रकाश की पूर्ति होती है। ऐसे छोटे-छोटे सार्वजनिक स्थल जहां विद्युत की आपूर्ति अनियमित होती है, वहां जन-सामान्य को प्रकाश की अनुपलब्धता के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सौर ऊर्जा के माध्यम से मार्ग प्रकाश की उपलब्धता से आवागमन में सुविधा, सामाजिक सुरक्षा, सामाजिक उत्थान के साथ-साथ कार्य क्षमता में बढ़ोत्तरी तथा स्वच्छ वातावरण का निर्माण होता है।

जनप्रतिनिधियों से परामर्श से होगा स्थल चयन
सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थल का चयन, जनप्रतिनिधियों से परामर्श कर किया जायेगा। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी।
इसमें मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य नगर अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा आवश्यक रूप से सदस्य होंगे।

यूपीनेडा को परियोजना की जिम्मेदारी
परियोजना का क्रियान्वयन यूपीनेडा द्वारा किया जाएगा। अभिकरण द्वारा प्रदेश सरकार के वित्तीय नियमों के अन्तर्गत ई-टेण्डर के माध्यम से संयंत्रों की आपूर्ति, स्थापना एवं 05 वर्ष की कम्प्रीहेन्सिव मेन्टिनैन्स वारण्टी के साथ दरें एवं आपूर्तिकर्ता फर्मों का चयन करते हुए अनुबन्ध निष्पादित कर, कार्य कराया जाएगा।
फर्म द्वारा अभिकरण के जिला स्तर के कार्यालयों के पर्यवेक्षण में चयनित स्थलों पर स्थापना का कार्य कराया जाएगा।

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