जहरीली जुबान वालों को बाहर कीजिए मोदी जी

“मोदी जी भी अच्छी तरह जानते हैं कि यह देश ऐसी भाषा को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। अगर इस देश के लोगों ने प्रचंड बहुमत के साथ मोदी जी को सत्ता सौंपी है, तो उसके पीछे यह जहरीली जवान नहीं बल्कि वो सपना था जो मोदी जी ने इस देशवासियों को दिखाया था और वह सपना विकास का सपना था।”
sanjay sharma editor5माना जा रहा था कि इस बार मोदी जी अपने मंत्रिमंडल से उन मंत्रियों को बाहर का रास्ता जरूर दिखायेंगे जो अपने बड़बोलेपन और जहरीली जुबान से समाज में नफरत का बीज बो रहे हैं। मगर रमाशंकर कठेरिया के अलावा किसी भी मंत्री की विदाई ना होना दु:खद है। लंबे समय से देश के लोग यह देखकर हैरान है कि विकास की बात करने वाले मोदी जी के मंत्री में विनाश की भाषा बोलने वाले मंत्री क्या कर रहे हैं।
गिरिराज सिंह की जहरीली जुबान ने पूरी दुनियां को बता दिया है कि दुनियां के सबसे बड़े लोकतंत्रिक देश में कैसे-कैसे मंत्री होते हैं। माना जाता है कि केन्द्रीय मंत्री जो भी भाषा बोलते हैं वो सरकार की आवाज होती है। पूरे देश की आवाज होती है। मगर ऐसी भाषा बालकर नाकारात्मकता पैदा करें। लोगों के बीच दूरियां पैदा करने की बात करें तो न तो या समाज के लिए अच्छा होगा और न ही देश के लिए।
हकीकत यह है कि कुछ केन्द्रीय मंत्री अपनी हैसियत पहचानते हैं। वो जानते हैं कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि ही यह है कि वह अपनी जुबान से कहीं पर भी आग लगा सकते हैं। जहां लोग प्यार से रह रहे हों, उनमें नफरत पैदा कर सकते हैं। उनकी यह नफरत की भाषा भले ही देशवासियों को पसंद न आती मगर सरकार के अंदर और बाहर भी कुछ लोग हैं जो इसी भाषा को पसंद करते हैं।
मोदी जी भी अच्छी तरह जानते हैं कि यह देश ऐसी भाषा को कभी स्वीकार नहीं कर सकता। अगर इस देश के लोगों ने प्रचंड बहुमत के साथ मोदी जी को सत्ता सौंपी है, तो उसके पीछे यह जहरीली जवान नहीं बल्कि वो सपना था जो मोदी जी ने इस देशवासियों को दिखाया था और वह सपना विकास का सपना था। लोगों को लगता था कि अगर मोदी जी सत्ता में आ जायेंगे, तो सालों से चल रहे निराशा को माहौल को थोड़ा ठीक करेंगे। मगर मोदी जी के कुछ मंत्री निराश के इस माहौल को और बढ़ा रहे हैं। अच्छा हो मोदी जी इन मंत्रियों को जल्दी से जल्दी बाहर का रास्ता दिखायें जिससे देश में एक अच्छा वातावरण बन सके।
जनता के सपनों को सलामत रखना और देश को विकास की ऊंचाइयों पर ले जाने की बजाय माहौल खराब करने की कोशिश में जुटे लोगों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। प्रधानमंत्री को अपनी टीम में उन नेताओं को चिन्हित करना होगा, जो अपनी जहरीली जुबान से उल्टी-सीधी बयानबाजी करते हैं। जो लोग चिन्हित हो चुके हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी। इससे अन्य लोगों को सबक मिलेगा और जनता में एक अच्छा संदेश भी जायेगा।

 

Pin It