जय प्रकाश नारायण के विचारों से प्राप्त होती है ऊर्जा: राज्यपाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ :उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि सम्पूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जय प्रकाश नारायण के विचारों से ऊर्जा प्राप्त होती है। उनमें अद्भुत संगठनात्मक शक्ति थी तथा उनके विचारों में बहुत ताकत थी। उन्होंने स्वाधीनता आन्दोलन तथा आपातकाल में अहम भूमिका निभायी। वे युवाओं के नेताओं के रूप में जाने जाते थे। जातीयता, भ्रष्टाचार तथा असमानता को दूर करने में जय प्रकाश नारायण के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
राज्यपाल राम नाइक विश्वैश्वरैया प्रेक्षागृह में लोकनायक जय प्रकाश नारायण सेवा समिति द्वारा आयोजित जयंती समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि लखनऊ में अनेक महापुरूषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं। यह प्रासंगिक होगा कि सम्पूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जय प्रकाश नारायण की मूर्ति की भी स्थापना की जाय। सांसद निधि एवं विधायक निधि को लेकर अक्सर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये जाने पर उन्होंने कहा कि जनता को जनप्रतिनिधियों से पाई-पाई की जानकारी लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस तरह की जागृत जनमत के दबाव एवं पारदर्शिता से भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सकता है।
राज्यपाल ने लोकनायक जय प्रकाश नारायण से अपने पुराने संबंध को साझा करते हुए बताया कि आपातकाल में भी उनसे बराबर विचार-विमर्श होता था। अपनी बीमारी के समय जब वे जसलोक अस्पताल में भर्ती थे, उनसे बराबर मिलना जुलना रहता था। कई कार्यक्रमों में उनके साथ मंच भी साझा किया है। उन्होंने कहा कि जय प्रकाश नारायण विरोधी संगठनों तथा छोटे कार्यकर्ताओं की बात समझकर काम करते थे।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविन्द चैधरी, यशंवत सिंह सदस्य विधान परिषद, सुभाष राय, प्राशु मिश्र, एच.एन. शर्मा अध्यक्ष चन्द्रशेखर ट्रस्ट, संतोष भारती पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ पत्रकार, लोकनायक जय प्रकाश नारायण सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।

सपा मुख्यालय पर मनाई गई जयप्रकाश नारायण की जयंती

लखनऊ। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सम्पूर्ण क्रांति के प्रणेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती राजधानी में समाजवादी पार्टी मुख्यालय सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मनाई गई। इस अवसर पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के दिखाये मार्ग पर चलने का संकल्प लेने के साथ आजादी, लोकतंत्र और समाजवाद के लिए उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया गया। विचार गोष्ठियों का आयोजन कर उनके विचारों, जीवन दर्शन तथा व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, मंत्री राजेन्द्र चौधरी, एस. आर.एस. यादव, डा. मधु गुप्ता, राज किशोर मिश्र, मुकेश शुक्ला, फिदा हुसैन अंसारी, विजय यादव, राम सागर यादव, सुभाष यादव, ताराचन्द, विद्यावती राजभर, संजीव मिश्र, लालजी प्रसाद निर्मल, रमेश जायसवाल, दिनेश मौर्य, अब्दुल नसीर नासिर, सलाउद्दीन अंसारी, लालू परवेज आदि की सहभागिता उल्लेखनीय रही।

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