जब जांच इतनी देर में तो इलाज कब मिलेगा

केजीएमयू में अल्ट्रासाउंड के लिए 15 दिन की वेटिंग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। केजीएमयू में मरीजों को अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के लिए 15 दिनों की वेटिंग दी जा रही है, जिससे इलाज के लिए आने वाले मरीजों को प्राइवेट सेंटर जाना पड़ रहा है। मरीजों को कहना है कि जब जांच रिपोर्ट इतनी देर में मिलेगी तो इलाज कब होगा। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि डॉक्टरों बिना जांच के इलाज नहीं कर रहे हैं। इससे मरीजों को समय से इलाज मिलने में मुश्किल हो रही है।
हरदोई निवासी अरविंद अपने साले राजू के इलाज के लिए केजीएमयू आये थे। उसके पेट में दर्द था। डाक्टर ने राजू को अल्ट्रासाउंड के लिए लिख दिया। जब राजू के जीजा अरविंद अल्ट्रासाउंड के लिए आये तो उन्हें 6 सितंबर को जांच रिपोर्ट देने को कहा। अरविंद का कहना है कि जब इतनी लंबी वेटिंग चल रही है। डॉक्टर ने भी बिना जांच रिपोर्ट इलाज करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि हरदोई से इलाज के लिए आये हैं। ऐसे में राजू को इलाज कैसे मिल सकेगा। अरविंद ने बताया है कि वे मजदूरी करके अपना पेट पालते हैं। प्राइवेट क्लीनिक में तो हमारी हैसियत भी नहीं है दिखाने की।
गोंडा निवासी कोयला देवी को पेट में तकलीफ है। डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा है। जब उनके भाई सुरेश अल्ट्रासाउंड पर पहुंचें तो उन्हें भी 6 सिंतबर को रिपोर्ट लेने को कहा गया। जिसके बाद सुरेश कोयला को लेकर अल्ट्रासाउंड करवाने प्राइवेट सेंटर चले गये। सुरेश ने बताया कि जांच इतनी देर में मिली तो कोयला की हालत बिगड़ जायेगी। ऐसे में बाहर से जांच कराना ही सही हेागा।
सिविल में खत्म हुई वेटिंग
सरकार की ओर से अल्ट्रासाउंड की जांचे मुफ्त होने के बाद सिविल अस्पताल में 15 दिन की वेटिंग चल रही थी, जिसको खत्म करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने असमय अल्ट्रासाउंड करने की ठान ली और अब वेटिंंग लगभग खत्म हो चुकी है। अब एक दिन की वेटिंग के बाद दूसरे दिन रिपोर्ट मिल जाती है। सिविल अस्पताल के डॉ. राजीव ओझा ने बताया कि अब अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की वेटिंग लगभग खत्म हो चुकी है।

एफएसडीए की टीम ने बूंदी, सोनपापड़ी समेत पांच सैंपल लिए
लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की खाद्य सुरक्षा ईकाई ने राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में दुकानों एवं प्रतिष्ठïानों में छापेमारी कर पांच नमूने भरे हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह ने बताया खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने नाका क्षेत्र में आने वाले आर्या नगर की पूजा टेडर्स से बूंदी और सोनपापड़ी के दो नमूने जांच के लिए भरे हैं। इसी क्षेत्र से मनोज कुमार गुप्ता की दुकान से मिल्क केक और सेव का नमूना भरा गया है। इन नमूनों के अलावा दुकान पर रखा 45 किलो केक और 23 किलो सेव सीज कर दिया गया है। इसके अलावा पांचवा नमूना बेहन का पुरवा विभूति खंड निकट वेव मॉल के पास से बूंदी के बड़े व्यापारी सुभाष गुप्ता के यहां से भरा गया और साथ में रखी हुई बूंदी को सीज कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अनुभाग की टीम ने सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।

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