जनता का उत्पीडऩ कर रही है भाजपा सरकार: अखिलेश

जनता का उत्पीडऩ कर रही है भाजपा सरकार: अखिलेश

आज तक जनकल्याण की एक भी योजना नहीं हुई लागू
हैंडलूम और पावरलूम व्यवसाय को कर रही चौपट
स्मार्ट मीटर से हुई लूट पर रोक लगाने में रही नाकाम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में समाज के कमजोर वर्गों, किसानों, बुनकरों के प्रति भाजपा सरकार का रवैया उपेक्षा और संवेदनशून्यता का है। पता नहीं क्यों भाजपा जनहित पर ध्यान देने के बजाए जनता को उत्पीडऩ का शिकार बनाने में ज्यादा रूचि लेती है। सत्ता में आए साढ़े तीन साल बीत गए लेकिन वह जनता के कल्याण की एक भी योजना लागू नहीं कर पाई। बस पूरे समय तक वह समाजवादी सरकार के अच्छे कामों को नकारने और दिखावे में उन्हें अपना बताने की कवायद ही करती रही है। उस समय के अच्छे निर्णयों को उलटने और बनी बनाई व्यवस्था को बिगाडऩे की उसकी नीयत रही है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में बुनकरों के कल्याण और उनकी आर्थिक मजबूती के लिए बिजली फ्लैट रेट पर देने का निर्णय लिया था लेकिन भाजपा सरकार को बुनकरों को मिल रही यह सुविधा पसंद नहीं आई। उसने इस सुविधा को खत्म कर दिया। बुनकरों में जब इसका विरोध किया तो 31 जुलाई तक फ्लैट रेट पर बिजली देने का फैसला सुना दिया गया लेकिन भाजपा की मंशा अच्छी नहीं है। उसने एक अगस्त 2020 से नई व्यवस्था करने का इरादा भी जता दिया है। हैंडलूम, पावरलूम के अच्छे खासे व्यवसाय को चौपट करने में भाजपा की यह सक्रियता घटिया मानसिकता का प्रदर्शन है। बुनकरों को पुराने बकाये के नाम पर आज भी प्रताडि़त किया जा रहा है। भाजपा अपने आरएसएस एजेंडा के तहत ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक एक यूनिट भी बिजली उत्पादन न करने वाली भाजपा सरकार को जनसामान्य को किसी न किसी तरह परेशान करने में विशेष आनंद आता है। अब नए सिरे से बिजली दरें बढ़ाने की साजिशें की जा रही हैं। चार किलोवाट का बिजली का फिक्स चार्ज अब तक 330 प्रतिमाह था। सरकार के इशारे पर पावर कारपोरेशन अब इसे 360 करने का प्रस्ताव ले आया है। यह उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। जनता के साथ भाजपा सरकार ने स्मार्ट मीटर के नाम पर भी खेल किया। इसकी खरीद में घोटाला हुआ ही, इसकी गुणवत्ता पर भी संदेश है। मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की बात करते हैं पर स्मार्ट मीटर से स्पीड जम्पिंग के जरिए उपभोक्ताओं की खुली लूट पर रोक लगाने में किसी ने दिलचस्पी नहीं ली। भाजपा राज में करंट से कई मौतें हो चुकी है। भाजपा जनता को सिर्फ बदहाली, तबाही ही दे सकती है।

दौडऩे को तैयार लखनऊ मेट्रो, किया गया ट्रायल रन

कोरोना काल में अफसरों की मौजूदगी में परखी गई व्यवस्थाएं, सात सितंबर से संचालित होगी मेट्रो
स्टेशनों पर साफ-सफाई राउंड द क्लॉक करने के निर्देश

गीताश्री
लखनऊ। अब राजधानीवासी एक बार फिर मेट्रो के सफर का आनंद ले सकेंगे। कोरोना काल के बीच दिल्ली की तर्ज पर लखनऊ मेट्रो भी पटरियों पर दौडऩे को तैयार है। अनलॉक-4 की प्रक्रिया के तहत लखनऊ में विशेष व्यवस्था के बीच सात सितंबर से मेट्रो को चलाने की अनुमति मिल चुकी है। लिहाजा मेट्रो के अफसरों ने शुक्रवार को इसका ट्रायल रन पूरा किया।
यात्रियों के लिए मेट्रो पूरी तरह से तैयार की जा रही है। सफर के दौरान कही कोई अड़चन न आए इसलिए उसे हर स्तर पर परखा जा रहा है। सवा पांच माह बाद सभी सोलह मेट्रो अपने ट्रायल रन में पास हो गईं। सुबह छह बजे से रात दस बजे तक मेट्रो चलाई गई। हर स्टेशन पर रुकना और साढ़े पांच मिनट में दूसरी मेट्रो का प्लेटफार्म पर आने का क्रम जारी रहा। स्टेशनों पर साफ सफाई राउद द क्लॉक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी मानीटरिंग के लिए अफसर व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इस दौरान हर एक स्टेशन को सेनेटाइज किया गया। यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक कुमार केशव का कहना है कि वह दोबारा मेट्रो संचालन के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। मेट्रो सफर के दौरान कोरोना के संक्रमण को रोकने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। मेट्रो सेवाएं सात सितंबर से फिर से शुरू होंगी। हर रात मेट्रो ट्रेनों और स्टेशनों को सेनेटाइज किया जाएगा। साथ ही यात्रियों के तापमान की भी जांच की जाएगी। संक्रमण रोकने के लिए दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का यात्रियों से सख्ती से पालन कराया जाएगा। मेट्रो स्टेशन और मेट्रो के अंदर एक-दूसरे के बीच 6 फीट की दूरी बनाएं रखा जाएगा। सभी यात्रियों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

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