छात्रों की रिकार्डिंग ‘गीतों भरी कहानी’ से गांव में फैलेगी जागरूकता

छात्रों की रिकार्डिंग को ले जाते हैं सामाजिक संगठन और गांवों में लोगों को करते हैं जागरूक
प्रशिक्षण लेने के बाद क्षेत्र में कार्य करना काफी हद तक आसान हो जाता है

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में फाइनल इयर के छात्रों द्वारा गीतों भरी कहानी की रिकॉर्डिंग की जा रही है। अब तक लगभग गीतों भरी 35 कहानियों को रिकॉर्ड किया जा चुकी है। इन कहानियों में समाजिक मुद्दों को शामिल किया गया है। इन कक्षाओं से छात्रों को मीडिया फ्रेंडली बनाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के पत्रकारिता संस्थान में छात्रों को कई ऐसे प्रशिक्षण दिये जाते हैं जिससे छात्रों की रचनात्मकता बढ़ सके। विवि में 2007 से गीतों भरी कहानी के प्रशिक्षण की रिकॉर्डिंग हो रही है। अब तक विभाग के पास लगभग दो सौ से अधिक गीतों भरी कहानियों का नायाब संग्रह है। छात्र इसके जरिए समाज की कु प्रथाओं का मुद्दा उठाते है। इस रिकॉडिंग का लाभ छात्रों के साथ-साथ कई समाजिक संगठनों को मिलता है। एनजीओ के लोग छात्रों की रिकॉर्ड की हुई कहानियां ले जाते है। इनका प्रसारण गांव के लोगों को जागरुक करने के लिए करते हैं। छात्रों की इस पहल के कारण हम पुरानी संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में विभागाध्यक्ष मुकुल श्रीवास्तव का कहना है कि फाइनल इयर के छात्रों के लिए यह प्रशिक्षण जरुरी होता है। गीतों भरी कहानियों में बचपन की यादें, बारिश, जिंदगी की पहेली, बुढ़ापा आदि अन्य कई कहानियां रिकॉर्ड की गई है। हर कहानी के पीछे एक संदेश होता है। प्रशिक्षण के जरिए छात्रों के संकोच और कैमरा और माइक फोबीया को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कई विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता विषय तो पढ़ाया जाता है लेकिन इस प्रकार का प्रशिक्षण केवल विवि में ही दिये जाते हैं। अधिकतर छात्र रेडियो जॉकी में रूचि के कारण यहां प्रवेश लेते हैं। पुराने छात्रों ने बताया कि यहां से प्रशिक्षण लेने के बाद क्षेत्र में कार्य करना काफी हद तक आसान हो जाता है।

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