छठी क्लास से ही परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य

  • आठवीं तक फेल न करने की नीति पर जल्द फैसला कर सकता है केंद्र

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली। आठवीं क्लास तक बच्चों को स्कूल में फेल नहीं करने की नीति पर केंद्र सरकार जल्द अंतिम फैसला कर सकती है। इसके तहत नौवीं के बजाय छठी कक्षा से ही छात्रों के लिए परीक्षा पास करना जरूरी हो जाएगा। इस एलान से पहले नई व्यवस्था में छात्रों के मूल्यांकन की बेहतर और व्यावहारिक प्रक्रिया को लेकर विचार किया जा रहा है। इस सिलसिले में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी राय ली
जा रही है।
मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय से जुड़े सूत्र का कहना है, ‘इस नीति में बदलाव तो लगभग तय है। लेकिन इतने महत्वपूर्ण मामले में कोई भी बदलाव जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता। साथ ही परीक्षा का पुराना नियम ही सर्वश्रेष्ठ है, यह भी नहीं कहा जा सकता। इसलिए छात्रों के मूल्यांकन के रास्ते तलाशे जा रहे हैं।’ इस संबंध में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की राय लेकर नई प्रक्रिया सुझाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को कहा गया है। वर्ष 2009 में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून लागू करने के साथ ही यह अनिवार्य कर दिया गया था कि आठवीं तक छात्रों को फेल नहीं किया जाएगा और उनकी प्रगति को जानने के लिए सीसीई (निरंतर और व्यापक मूल्यांकन) पद्धति का सहारा लिया जाएगा।

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